Close

    ब्लॉग

    Approved Photo

    समाज सुधारक, सामाजिक न्याय के चैंपियन महात्मा ज्योतिबा फुले

    महात्मा ज्योतिबा गोविंदराव फुले शिक्षा और सामाजिक सुधार के माध्यम से दलितोत्थान के लिए हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे! बहुत ही कठिन परिस्थितियों में जब उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले की मदद से समाज के कमजोर वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं को शिक्षा प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया। सभी बाधाओं, चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करते हुए, वे एससी, एसटी, ओबीसी और हाशिए पर रहे अन्य वर्गों के साथ हो रहे क्रूर अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े हुए। एक विशाल व्यक्तित्व, महात्मा फुले ने सामाजिक न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा रूपी सबसे शक्तिशाली उपकरण को इस्तेमाल किया और गरीब, वंचित, पिछड़े व दलितों की आशा की किरण बने। इन वर्गों के लोगों को उस समय उनकी जाति के आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा था। निःस्वार्थ तरीके से दलितों की सेवा और उत्थान करने की उनकी प्रतिबद्धता लोगों को इतनी प्रेरक लगी कि लोगों ने उन्हें महात्मा के रूप में प्रतिष्ठित किया! दलित अत्याचारों के खिलाफ खड़े होने के लिए महात्मा फुले का…

    Approved Photo

    आत्मनिर्भर, आदर्श, समृद्ध एवं सुशासित हरियाणा

    – लेखक- श्री बंडारू दत्तात्रेय द्वारा माननीय राज्यपाल, हरियाणा अपने हरियाणा के बारे में विचारों को साझा करने के लिए मेरे लिए एक नवंबर से बेहतर कोई दिन नहीं हो सकता। आज हरियाणा दिवस है, और सांस्कृतिक रूप से इतने समृद्ध और विविधता वाले इस प्रगतिशील राज्य के लोगों को मैं हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता। पूरे देश में हरियाणा की एक आत्मनिर्भर, आदर्श, समृद्ध एवं सुशासित हरियाणा की पहचान बनी है। 15 जुलाई 2021 को मैंने हरियाणा के 18वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। आज मैं भावनात्मक रूप से राज्य और लोगों से जुड़ा हूं। यहां के लोग अपनी समृद्ध संस्कृति, सामाजिक और आध्यात्मिक विरासत की बखुबी सहेज रहे हैं। हरियाणा के लोग मिलनसार, विनम्र, सीधे और सरल स्वभाव के हैं। 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्री कृष्ण द्वारा पवित्र गीता का महान दिव्य संदेश दिया गया था। कई बार कुरुक्षेत्र यात्रा का अवसर मिला है और ब्रह्म सरोवर की आरती में भाग लेते हुए उस स्थान की दिव्यता को महसूस किया है।…

    Oath Picg

    हरियाणा के राज्यपाल के रूप में एक वर्ष का सफल...

    हरियाणा प्रदेश के बारे में सुना था देशोस्ति हरणाख्यः, पृथ्व्यिां स्वर्गसन्निभः यानि हरियाणा धरती पर एक ऐसा देश (राज्य) है जो स्वर्ग के समान है। जब मैंने हिमाचल प्रदेश से 15 जुलाई 2021 को हरियाणा के 18वें राज्यपाल के रूप में पद ग्रहण किया तो कुछ दिनों के बाद ही महसूस होने लगा कि वास्तव में हरियाणा प्रदेश स्वर्ग के समान है। यहां की सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर जहां सिन्धु घाटी की सभ्यता को बयां करती है वहीं कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण द्वारा दिए गए गीता के उपदेश की गवाह रही है। समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ हरियाणा भौगोलिक दृृष्टि से अपनी पहचान कायम किए हुए है। आज मुझे राज्य में राज्यपाल का पदभार संभाले एक वर्ष हो चुका है। लगभग दो वर्षो तक हिमाचल प्रदेश की देव भूमि में राज्यपाल के रूप में लोगों की सेवा करने के बाद वीर भूमि हरियाणा में सेवा करने का मौका मिला जहां एक वर्ष में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सभी वर्गों के लोगों से मिला और एक मुख्य बात जो…

    GOVERNOR

    युवा शक्ति को कुशल व हुनरमन्द बनाने से ही देश...

    – लेखक श्री बंडारू दत्तात्रेय माननीय राज्यपाल, हरियाणा किसी भी देश व व्यक्ति के विकास में कला, कौशल व हुनर का महत्वपूर्ण स्थान है। मानव संसाधनों के उपयोग से कौशलता में और निखार लाकर सत्त विकास की प्रक्रिया को गतिमान बनाया जा सकता है। कहा जाता है कि हुनर कुशल कार्यबल एक धरोहर है। इसी उद्देश्य से विश्व युवा कौशल दिवस -2022 मनाने की दिशा में सत्त विकास के लिए कौशलता पर ध्यान केंद्रित किया गया है। देश में बढ़ती युवा शक्ति के लिए नीति निर्माता चुनौतियों और अवसरों का लाभ उठा रहे हैै। इनमें प्रौद्योगिकी का बढ़ता उपयोग और श्रम बाजार की बदलती गतिशीलता से युवाओं को रोजगार योग्य और उद्यमशीलता कौशल से लैस करने के सार्थक प्रयास किए गए हैं ताकि वे बदलती दुनिया का सामना कर सकें। तकनीकी, व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (टीवीईटी) संस्थानों की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका है जो आज समय की मांग भी है। उद्यमिता के क्षेत्र में समय की नजाकत को ध्यान में रखते हुए संस्थानों, फर्मों, कर्मचारी संघों, नियोक्ताओं,…

    GOVERNOR

    जब मैं इमरजेंसी में जेल गया तो मेरी मां मेरे...

    25 जून, 1975 को मध्यरात्रि की घड़ी से कुछ ही मिनट पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश के लिए आंतरिक व बाहरी खतरे को बहाने से आंतरिक आपातकाल की घोषणा की गई थी। यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन था। सभी शीर्ष राष्ट्रीय नेताओं – जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहार वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडीस और कई अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रेस का गला घोंट दिया गया। कोई लोकतांत्रिक अधिकार नहीं थे। आपातकाल का विरोध करने वालों के खिलाफ पुलिस ने बर्बरता की। आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। एक युवा आरएसएस प्रचारक के रूप में, मैं जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में ‘‘लोक संघर्ष समिति‘‘ के बैनर तले लोगों को आपातकाल के खिलाफ लामबंद करने में सक्रिय रूप से भाग ले रहा था। जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में यह वास्तव में भारत का दूसरा स्वतंत्रता संग्राम था। गिरफ्तारी से बचने के लिए मैं न केवल भूमिगत था बल्कि अलग-अलग हेयर स्टाइल के साथ अपनी पोशाक यानि पेंट और शर्ट में भी…