यमुनानगर के तेजली खेल परिसर में आयोजित 72वें राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह -15.08.2018

August 15, 2018

यमुनानगर, 15 अगस्त( )हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने यमुनानगर के तेजली खेल परिसर में आयोजित 72वें राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ध्वजारोहण किया तथा परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी ली। परेड का नेतृत्व अम्बाला के सहायक पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन ने किया। 

राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने अपने सम्बोधन में भारत माता के वीर सपूतों जिन्होंने आजादी के लिए अपने बलिदान दिए व आजादी के बाद मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए, को नमन किया और राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर सबको हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने 7 स्वतंत्रता सेनानियों, 35 युद्घ वीरांगनाओं, हिन्दी आंदोलन 1857 के 10 आंदोलनकारियों,1977 में आपातकालीन स्थिति के दौरान विभिन्न जेलों में रहे 39 व्यक्तियों तथा भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले जिला के 26 लोगों जिसमें पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, खिलाड़ी तथा समाज सेवी शामिल हैं, को हरियाणा के राज्यपाल ने अपने करकमलों से पुरस्कार देकर सम्मानित किया।   

उन्होंने कहा कि 71 साल पहले वर्ष 1947 में इसी शुभ दिन की पावन बेला में स्वतंत्रता सेनानियों के साथ-साथ हर भारतवासी का आजादी पाने का सपना साकार हुआ था। इसलिए यह दिन भारतवासियों के लिए बड़े गर्व और गौरव का दिन है। इसी दिन के लिए कितने ही देशभक्तों ने विदेशियों के हाथों अनेक यातनाएं सहीं। राजगुरू-सुखदेव-भगतसिंह जैसे वीरों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा। लाला लाजपत राय ने लाठियां खाईं। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, चन्द्रशेखर आजाद और न जाने कितने ही देशभक्तों ने आजादी की बलिदेवी पर अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने कहा कि आज हम आजादी की लड़ाई में जान न्यौछावर करने वाले सब ज्ञात-अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन सब स्वतंत्रता सेनानियों को भी नमन करें जिन्होंने हमें स्वतंत्रता का उपहार देने के लिए निरंकुश विदेशी शासकों के हाथों कठोर यातनाएं सहीं। हम उनके सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम उनके जैसी देशभक्ति, देशप्रेम, साहस व कत्र्तव्यनिष्ठा का प्रण लें।

हरियाणा महामहिम राज्यपाल ने कहा कि इतिहास के पन्नों में स्वतंत्रता आंदोलन एक युगान्तकारी घटना है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में इस आंदोलन का हथियार अहिंसा था। आजादी के बाद महान दूरदर्शी नेता डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, डॉ0 भीमराव अंबेडकर, मौलाना आजाद जैसे नेताओं ने लोगों की रचनात्मक क्षमताओं का उपयोग राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण के कार्य में किया। उन्होंने कहा कि हम उन राष्ट्र निर्माताओं, सीमा प्रहरी सैनिकों, प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, अन्नदाता किसानों, मेहनतकश कामगारों के प्रति भी गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा, साहस और मेहनत के बल पर भारत को दुनिया की बड़ी शक्ति के रूप में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा वासियों को गर्व है कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। स्वतंत्रता आन्दोलन की पहली चिंगारी 8 मई 1857 को अंबाला से फूटी थी। उस समय हरियाणा में अंग्रेजों ने अनेक वीरों को सरेआम फांसी दी थी और छह-छह साल के बच्चों तक को गिरड़ी से कुचला दिया था।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के वीरों ने आजादी के बाद भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गर्व का विषय है कि आज देश की सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है। यहां के सैनिकों ने 1962, 1965, 1971 के विदेशी आक्रमणों व आप्रेशन कारगिल युद्ध के दौरान वीरता की नई मिसाल पेश की थी। प्रदेश के वीर कभी भी राष्ट्रीय एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए अपने अमूल्य प्राणों की आहूति देने से पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि हम सबका परम कर्तव्य है कि मातृभूमि के लिए जान न्यौछावर करने वाले शहीदों और सेवारत सैनिकों के परिवारों और उनके आश्रितों की देखभाल करें। इसीलिए सरकार ने शहीदों के परिवारों और उनके आश्रितों को अनेक शैक्षणिक आरक्षण और वित्तीय लाभ दिए हैं ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों अथवा उनकी विधवाओं को 25 हजार रूपये मासिक पेंशन दी जाती है। राज्य सरकार ने युद्ध में शहीद सैनिक के परिवार के लिए अनुग्रह राशि बढाकर 50 लाख रूपये की है व 221 शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी भी प्रदान की गई है। 

हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि आजादी के आंदोलन का उदेश्य केवल अंग्रेजी सत्ता को उखाड़ फेंकना नहीं था। खुद को सदियों के कुशासन से मुक्ति दिलाने, गरीबी, अज्ञानता को मिटाने, साम्प्रदायिकता, जातिगत पूर्वाग्रहों और साम्प्रदायिकता से मुक्ति पाने के लिए ही स्वतंत्रता की कामना की थी। उन्होंने कहा कि पिछले 71 सालों से इन विसंगतियों से लड़ाई लड़ रहे हैं। इस दौरान भारत अपने बलबूते पर न केवल अपने पैरों पर खड़ा हुआ है बल्कि विश्व की सैन्य व आर्थिक महाशक्तियों में शुमार हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत की इस गौरवपूर्ण विकास यात्रा में हर कदम पर हर भारतीय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन हरियाणा के लोग विशेष बधाई के पात्र हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से क्षेत्र की दृष्टि से इस छोटे से राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील सोच, प्रतिभा और मेहनत के बलबूते विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। हरियाणा प्रतिव्यक्ति आय, औद्योगिक उत्पादन, विदेशी निवेश, शिक्षा, खेल, कृषि, परिवहन आदि हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया है। अन्न उत्पादन में हरियाणा का देश में दूसरा स्थान है। इज ऑफ डुइंग बिजनेस में तीसरे स्थान पर है। हरियाणा अब कैरोसिन मुक्त व खुले में शौचमुक्त राज्य बन चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नहरों, सडक़ों व रेलमार्गों का मजबूत जाल बिछा है, उद्योग धंधे फल-फूल रहे हैं, अनेक बिजली संयंत्र स्थापित हो चुके हैं, मेट्रो रेल का विस्तार हो रहा है, अनेक ओवर ब्रिज व फ्लाई ओवर बन चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उच्चकोटि के संस्थान व विश्वविद्यालय खुल चुके हैंैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2022 के जिस नए भारत की परिकल्पना की है, हरियाणा उसे साकार करने की दिशा में कई मंजिलें तय कर चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य कैशलैस, पेपरलैस और फेसलैस ई-सेवाएं प्रदान करना है व इस दिशा में ज्यादातर विभागों की सेवाओं को डिजीटल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 135 ई-दिशा केन्द्रों और 6623 अटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से 281 ई-सेवाएं दी जा रही हैं। नागरिकों की समस्याओं के निवारण के लिए सी0एम0 विंडो के माध्यम से 3 लाख 94 हजार शिकायतों का समाधान किया गया है। गांवों में 1712 ग्राम सचिवालय स्थापित किए गए हैं जो सूचना प्रौद्योगिकी से युक्त हैं तथा 170 से अधिक गांवों में वाई-फाई सुविधा भी दी जा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा में आज पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। गांवों में 24 घंटे बिजली देने के लिए ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना लागू की गई है। इसमें 2180 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर गांव सडक़ से जुड़ा है और खुली सडक़ों व रेलमार्गों का जाल बिछा है। लंबे समय से अधूरे पड़े कुण्डली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के मानेसर-पलवल खण्ड पर यातायात भी शुरू हो चुका है और कुण्डली-मानेसर खण्ड का निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस कृषि प्रधान राज्य में फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘फसल बीमा योजना’ को लागू किया गया है। इसके तहत किसानों को 315 करोड़ रूपये का मुआवजा दिया गया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने भावान्तर भरपाई योजना के तहत सब्जियों के न्यूनतम भाव निर्धारित किए हैं। हरियाणा के किसानों ने दूध व खाद्यान्न उत्पादन में नए रिकार्ड बनाए हैं व सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र में हरियाणा ओलम्पिक और अन्य अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में भारत की शान बढाने वाले खिलाडिय़ों का राज्य है व 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में हमारे खिलाडिय़ों ने 22 पदक जीतकर देश व प्रदेश का मान बढाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में अति आधुनिक तकनीकी व अन्य शिक्षण संस्थान हैं। सभी राजकीय महाविद्यालयों में नि:शुल्क वाई-फाई सुविधा दी जा रही है। स्किल इंडिया को अपनाते हुए हरियाणा नैशनल वोकेशनल एजुकेशनल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क शुरू करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि ‘हरियाणा कौशल विकास मिशन’ के तहत हर साल एक लाख 15 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है व सक्षम युवा बेरोजगार योजना के तहत अब तक 42 हजार युवाओं को विभिन्न विभागों में कार्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है तथा इस दिशा में चार नए मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। 

प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रदेश में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ’ योजना के बड़े उत्साहजनक परिणाम आ रहे हैं व राज्य में लिंगानुपात 928 हो गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए 151 रूटों पर अलग-अलग बसें चलाई जा हैं। उन्होंने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते हरियाणा में विकास व प्रगति का लाभ गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 5 लाख 15 हजार एलपीजी गैस कनैक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक प्रधानमंत्री के हर परिवार का अपना घर होने के सपने के अनुरूप गरीबों के लिए 17 हजार 678 नए फ्लैटस बनाए गए हैं। घूमंतु जातियों के कल्याण के लिए घुमंतु जाति विकास बोर्ड गठित किया गया है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, अंबेडकर मेधावी छात्र योजना आदि द्वारा गरीब परिवारों का जीवन स्तर उंचा उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रगतिशील लोगों ने और भी इतनी उपलब्धियां प्राप्त की हैं कि उनको गिनाया जाना संभव नहीं है। उन्होंने इन उपलब्धियों के लिए हरियाणा के उद्यमियों, कर्मठ किसानों और श्रमिकों को बधाई दी। 

हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि भौतिक विकास के दौर में हरियाणा ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी सुरक्षित रखा है। गीता जयंती उत्सव अब कुरूक्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर और जिलों में भी आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल इसका आयोजन मॉरीशस में भी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पावन सरस्वती को फिर से धरा पर लाने के लिए सरस्वती विकास बोर्ड कार्यरत है व कुरूक्षेत्र के पांच तीर्थों को ‘स्वदेश दर्शन योजना’ में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि उन्हें यमुना नदी के किनारे स्थित यमुनानगर में ध्वजारोहण का अवसर मिला है। यह तीर्थराज कपाल मोचन की भूमि है जहां स्नान कर सब पापों से मुक्ति हो जाती है। उन्होंने कहा कि यहां का बर्तन और प्लाई उद्योग विश्वविख्यात है। एक छोटे से गांव से वर्तमान नगर तक को विकसित करने में यहां के नागरिकों ने कड़ी मेहनत की है जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक दिवस पर सभी से राष्ट्र की एकता और अखण्डता को बनाये रखने तथा देश के नव-निर्माण के लिए मिलकर काम करने की शपथ लेने का आह्वïान किया व भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करतें हुए हरियाणा के कर्मठ लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 

इस अवसर पर हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने राज्य स्तरीय  स्वतंत्रता दिवस समारोह की गतिविधियों में भाग लेने वाले विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को उनकी शानदार प्रस्तुति से खुश होकर 5 लाख रूपये देने की राशि देने की घोषणा भी की और इसके साथ-साथ सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में 16 अगस्त 2018 के अवकाश की घोषणा भी की। कार्यक्रम में हरियाणा पुलिस पुरूष, महिला पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्काऊट व गार्ड की टुकडियों, प्रजातंत्र के प्रहरी टुकड़ी तथा विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के बच्चों द्वारा शानदार मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया और इसके साथ-साथ विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा लयबद्घ शारीरिक कार्यक्रम, हरियाणा पुलिस करनाल के निरीक्षक वीरभान द्वारा योगा, तथा विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के बच्चों द्वारा देशभक्ति व रंंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसे देखकर महामहिम राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए। महामहिम राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने वाले बच्चों व परेड में शामिल हुई टुकडिय़ों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सांस्कृति कार्यक्रमों में एन.सी.सी. विंग, गुरू नानक गल्र्स कॉलेज यमुनानगर की देश भक्ति गीत प्रथम, बाल भवन यमुनानगर व बाल कुंज छछरौली की सामूहिक नृत्य टीम द्वितीय व न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल यमुनानगर की आजादी के परवाने गीत की टीम तृतीय स्थान पर रही। मार्च पास्ट में सीनियर अंडर ऑफिसर शिव नारायण के नेतृत्व में एन.सी.सी. लडक़ों की टुकड़ी प्रथम, सहायक उप निरीक्षक श्रीमती प्रोमिला के नेतृत्व में हरियाणा महिला पुलिस की दूसरी टुकड़ी द्वितीय तथा सहायक उप निरीक्षक सुशील कुमार के नेतृत्व में हरियाणा पुरूष पुलिस की दूसरी टुकड़ी तृतीय स्थान पर रही जिन्हें महामहिम राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने अपने करकमलों से पुरस्कार देकर सम्मानित किया। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंच का संचालन गुरू नानक खालसा कॉलेज के मास कम्यूनिकेशन विभाग के अध्यक्ष डा. उदय भान सिंह ने किया। 

इस मौके पर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में रादौर के विधायक श्याम सिंह राणा, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, सढौरा के विधायक बलवन्त सिंह, हरियाणा के मुख्य सचिव डी.एस. ढेसी, पुलिस महानिदेशक बी.एस.संधू, ए.डी.जी.पी. आर.सी. मिश्रा, आई.जी.सी.एम.उडऩ दस्ता के राजेन्द्र सिंह, हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्षा रोजी आनंद मलिक, हरकोफैड के चेयरमैन रामेश्वर चौहान, भाजपा के जिलाध्यक्ष महेन्द्र खदरी, भाजपा के जिला महामंत्री राजेश सपरा, उपायुक्त गिरीश अरोड़ा, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त के.के.भादू, जगाधरी के एस.डी.एम. भारत भूषण कौशिक, नगराधीश सोनू राम, न्यायिक अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी एवं काफी संख्या में स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थी, शिक्षक व शहर के गणमान्य व्यक्ति एवं दर्शक तथा भाजपा के वरिष्ठï एवं युवा नेतागण भी उपस्थित थे।

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