व्यक्ति जैसा होगा वैसा ही राष्ट्र बनेगा-राज्यपाल 30.01.2018

February 26, 2018

चण्डीगढ, 30 जनवरी। व्यक्ति जैसा होगा वैसा ही राष्ट्र बनेगा, क्योंकि व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र बनता है। इसलिए राष्ट्र-निर्माण के लिए व्यक्ति-निर्माण जरूरी है। इसी बात को पहचानते हुए आचार्य तुलसी ने आजादी के दो साल बाद एक मार्च 1949 को अणुव्रत आन्दोलन का प्रवर्तन किया था। यह बात प्रदेश के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने आज स्थानीय सेक्टर 24 स्थित अणुव्रत भवन में अणुव्रत पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए कही। संगोष्ठी का आयोजन मुनिश्री विनय कुमार आलोक के जन्मदिवस पर किया गया था।

मुनिश्री विनय कुमार आलोक के जन्मदिवस पर सबको बधाई व शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने आगे कहा कि भारत को ऐसे ही संतों ने बनाया और बचाया है। उन्होंने कहा कि जब भारत को आजाद हुए दो साल भी नहीं हुए थे उस समय आचार्य तुलसी ने अनुभव किया कि देश आजाद तो हो गया, लेकिन अंग्रेजियत का प्रभाव कम नहीं हुआ और देश की सभ्यता व संस्कृति को भुलाया जा रहा है। इसीलिए उन्होंने अणुव्रत आन्दोलन के माध्यम से चरित्र निर्माण का बीड़ा उठाया था। अतः इस आन्दोलन को नैतिक जागरूकता का अभियान भी कहा जा सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि अणुव्रत आन्दोलन भारत की पहचान, भारत के मूल्यों, संस्कृति, परम्पराओं को पुनः स्थापित करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि हम इसीलिए भारतवासी हैं क्योंकि हम भारत के मूल्यों, संस्कृति, परम्पराओं के अनुगामी हैं, केवल भारत में जन्म लेने भर से भारतीय नहीं बन जाते। उन्होंने कहा कि भारत की यही सोच महात्मा गांधी के विचार और कार्य में थी। उन्होंने आज गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

प्रो0 सोलंकी ने कहा कि आचार्य तुलसी ऐसे ही महान संत थे जिन्होंने समाज के दुख-दर्द को अपना कर लिया था। उन्होंने समाज की पीड़ा को अनुभव करते हुए प्रर्दा पर्था, दहेज पर्था, मृत्यु भोज आदि का विरोध किया। उनके द्वारा शुरू किए गए अणुव्रत की आज पूरे विश्व को जरूरत है। अणुव्रत आन्दोलन में छोटी-छोटी कमियों के त्याग के द्वारा चरित्र का उत्थान किया जाता है। इसके प्रमुख 11 नियमों का हर आदमी पालन करे तो दुनिया की सब समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। राज्यपाल ने अणुव्रत भवन में स्थापित पुस्तकालय और थैरेपी सेंटर का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर मुनिश्री विनय कुमार आलोक, पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार जैन आदि ने भी अपने विचार रखे। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष मनोज जैन ने धन्यवाद प्रकट किया। संगोष्ठी में आज समाज के सम्पादक डाॅ0 कुणाल वर्मा, चण्डीगढ की पूर्व मेयर आशा जसवाल, चंडीगढ भाजपा प्रवक्ता डाॅ0 धीरेन्द्र तायल, मौलाना अफजल खां आदि ने भी भाग लिया।

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