समाज-सुधार में कला अन्य सब साधनों से अधिक प्रभावशाली है-राज्यपाल 07.03.2018

March 08, 2018
 
चंडीगढ, 7 मार्च। समाज-सुधार में कला अन्य सब साधनों से अधिक प्रभावशाली है। कला व साहित्य जो संदेश देते हैं वह सीधे ही जनमानस के दिल-दिमाग में उतर जाता है। इसलिए पब्लिक ओपिनियन के उन्नयन में कलाजगत को आगे आना चाहिए। ये उद्गार हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने काॅफी टेबल बुक ‘हिस्ट्री एण्ड हैरिटेज-गवर्नमेंट कालेज आॅफ आर्ट, चण्डीगढ’ के विमोचन अवसर पर अपने सम्बोधन में कही। इसी कालेज के पूर्व छात्र व पूर्व प्राचार्य प्रो0 डी0एस0 कपूर द्वारा लिखित इस पुस्तक के विमोचन समारोह का आयोजन स्थानीय आर्ट गैलरी के सभागार में किया गया था। पुस्तक में इस कालेज की 1875 में लाहौर में स्थापना से लेकर अब तक के 140 सालों के इतिहास का विवरण प्रस्तुत किया गया है। 
राज्यपाल ने आगे कहा कि कला दिलों को जोड़ती है और प्रेम-प्यार का विस्तार कर जीवन को महकाती है। इसलिए कलाकारों को संस्कृति के प्रहरी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि कला जीवन को सत्यम् शिवम् सुन्दरम् से समन्वित करती है। इसके द्वारा ही आत्मा का सत्य स्वरूप झलकता है। व्यक्ति जब कला के सम्पर्क में आता है तो अपना भूत-भविष्य भूल जाता है। उन्होंने कहा कि साहित्य, संगीत और कला के बिना कोई पूर्ण मनुष्य नहीं बनता। क्योंकि उसमें मानवता के गुण-प्रेम, दया, सहिष्णुता, अहिंसा आदि कला के सम्पर्क से आते हैं। 
राजकीय कला महाविद्यालय के लाहौर से शिमला और फिर चण्डीगढ स्थानान्तरित होने का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्थान बदलते रहे, शासन-प्रशासन भी बदलते रहे लेकिन इस कला-संस्थान की आत्मा ‘कला’ वैसी की वैसी रही। उन्होंने कहा कि इस बात को प्रो0 डी0एस0 कपूर द्वारा रचित इस पुस्तक के माध्यम से अच्छी तरह समझा जा सकता है। उन्होंने गर्व प्रकट किया कि इस कालेज के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा के बल पर विश्वभर में नाम कमाया है।
इससे पहले पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 अरूण कुमार ग्रोवर और राजकीय कला महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो0 प्रेम सिंह ने भी विचार रखे। प्रो0 डी0एस0 कपूर ने इस पुस्तक के लेखन के उद्देश्य और लेखन के समय हुए अनुभवों को सांझा किया। प्रो0 एस0एस0 भट्टी ने लेखक व पुस्तक का परिचय दिया। प्रो0 अंजु जैन ने सबका स्वागत और मिस श्रुति शर्मा ने धन्यवाद किया।
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