ऋषिमुनियों और संतमहात्माओं द्वारा जनकल्याण हेतु दी गई शिक्षाओं एवं उपदेशों को आगे बढ़ाना ही सच्चा मानव धर्म है-23.11.2018

November 24, 2018

चण्डीगढ़ 23 नवम्बर - ऋषिमुनियों और संतमहात्माओं द्वारा जनकल्याण हेतु दी गई शिक्षाओं एवं उपदेशों को आगे बढ़ाना ही सच्चा मानव धर्म है। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने राजभवन में श्री गुरू रविदास विश्व महापीठ स्मारिका का विमोचन करने उपरान्त सभा के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए कही। इस स्मारिका में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित एक दर्जन से भी अधिक विभिन्न राज्यों के राज्यपालों एवं मुख्यमत्रियों तथा केन्द्रीय मंत्रियों के संदेशों का संकलन है। इस अवसर पर श्री गुरू रविदास विश्व महापीठ के प्रतिनिधिमंडल में पीठाधीश्वर संत श्री सतविन्द्र हीरा जी, सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य सुरजभान कटारिया, उत्तराखंड एस.सी/एस.टी आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक सुरेश राठौर, पंजाब के पूर्व एस.सी/एस.टी आयोग के अध्यक्ष राजेश बग्गा, जयभगवान कटारिया, डा0 केवल कृष्ण एवं महापीठ के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री आर्य ने कहा कि पत्र-पत्रिकाओं एंव स्मारिकाओं के माध्यम से धर्म का प्रचार-प्रसार होता है और महान पुरूषों की वाणी एवं संदेश को जन-जन तक पहुचाया जा सकता है। इन संदेशों को जीवन में ढालकर ही सामाजिक बुराईयों का खात्मा होता है। उन्होने कहा कि संत शिरोमणी गुरू रविदास जी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक है। 14वीं शताब्दी में भक्ति आदोंलन के समय उनका चिंतन किसी जाति व व्यक्ति तक सीमित नही था। बल्कि सम्पूर्ण विश्व की चिंता दर्शाता है।

उन्होने कहा कि आगामी 26 नंवबर को देशभर में सविधान दिवस मनाया जा रहा है। श्री गुरू रविदास जी की दूरदर्शिता हमारे भारतीय सविधान में भी है। जो सभी नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार अभिव्यक्ति धर्म और उपासना की स्वतत्रता, प्रतिष्ठता और अवसर की समानता प्रदान करता है। प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्रीय की एकता सुनिश्चित करने तथा बंधुत्व बढ़ाने के लिए ही भारतीय संविधान विश्व में श्रेष्ठ है। इस पर सभी गर्व महसूस करते हैं। देश के सम्मानित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सामाजिक समरसता की परंपरा को तेजी से आगे बढ़ाया है। 

श्री आर्य ने श्री गुरू रविदास विश्व महापीठ द्वारा स्मारिका के प्रकाशन पर बर्धाइं दी और कहा कि महापुरूषों का संदेश हर व्यक्ति तक जाए ताकि गुरू रविदास जी द्वारा दिए गए उपदेशों का समाज में प्रभाव हो और एक सुदृढ़ समाज की स्थापना हो। उन्होने स्मारिका में प्रसारित संदेश के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का विशेष रूप से धन्यवाद किया है। श्री गुरू रविदास विश्व महापीठ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्यपाल श्री आर्य को शाॅल भेंट कर और उन्हे पंजाब से लाया गया चरण छू गंगा जल भेंट किया। 

कैप्शन- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य राजभवन में श्री गुरू रविदास विश्व महापीठ स्मारिका का विमोचन करते हुए।