राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद व पदाधिकारियों  का आहवान किया कि वें वर्तमान जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम लागू करें ताकि विद्यार्थी विश्व स्तरीय शिक्षा के अनुरूप अपने आप को तैयार कर सकें-11.03.2019

March 12, 2019

चण्डीगढ़, 11 मार्चः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद व पदाधिकारियों  का आहवान किया कि वें वर्तमान जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम लागू करें ताकि विद्यार्थी विश्व स्तरीय शिक्षा के अनुरूप अपने आप को तैयार कर सकें। श्री आर्य सोमवार को राजभवन में आयोजित कुलपति बैठक को सम्बोधित कर रहे है। इस बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनिल कुमार, राज्यपाल के सचिव श्री विजय सिंह दहिया, उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक श्री ए.श्रीनिवास व प्रदेशभर के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे। बैठक में विश्वविद्यालय एवं अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित दस बिन्दूओं की समीक्षा की गई।

उन्होने कहा कि सभी विश्वविद्यालय दृष्टि योजना तैयाार कर निश्चित अवधि में ही शिक्षा से सम्बन्धित कार्य योजनाएं पूरी करें। इसके साथ-साथ सभी अंडर गे्रजुएट, पोस्ट  ग्रेज्ुाएट तथा रिसर्च से सम्बन्धित क्रोर्सों में विकल्प आधारित  क्रेडिट प्रणाली (सी.बी.सी.एस) को लागू करे ताकि विद्यार्थी अपनी रूचि अनुसार विषयों व क्रोर्सांे में पढ़ाई पूरी कर सकें। इसी प्रकार से विश्वविद्यालयों की स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर परीक्षा दिवसों व परिणाम घोषित करने की समय अवधि को कम करें। जिससे विद्यार्थियों को कक्षाओं के लिए अधिक से अधिक समय मिले। 

बैठक में राज्यपाल ने अनुसंधान और नवाचार पर बल देते हुए कहा कि रिसर्च कार्यों के लिए विश्वविद्यालयों परिसरों में शिक्षा के उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित कर विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं जुटाई जानी चाहिए। इसी तरह से बडे़ पैमाने पर मुक्त आॅनलाइन पाठ्यक्रम (मूक) आधुनिक तकनीक से अध्यापन का कार्य करवाएं जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्ता की शिक्षा के साथ-साथ विश्वस्तर की शिक्षा प्राप्त होगी। 

उन्होने विश्वविद्यालयों में फ्लोटिंग संकाय उपलब्ध करवाने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए विश्वविद्यालय अपने स्तर पर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों और कंपनियों के प्रोफेसर, विशेषज्ञों और अनुभवी व्यक्तियों को विश्वविद्यालयों में बुलाएं और विद्यार्थियों से पारस्परिक बातचीत करवाएं तथा कक्षाओं मंे लैक्चर करवाएं। इससे विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर में बढ़ोतरी होगी और विद्यार्थी ड्रिगी प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों का व्यवसायिक दृष्टिकोण विकसित होगा। इसके साथ-साथ उन्होने विश्वविद्यालयों को आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ बनाने के लिए फंड्स जुटाने की भी अपील की। उन्होने कहा कि इसके लिए विश्वविद्यालय को ऐल्यूमनी मीट करवा कर पुराने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयों से जोडकर विश्वविद्यालयों में ढांचागत सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं। उन्होनें प्रत्यायन ;।ब्ब्त्म्क्प्ज्।ज्प्व्छद्ध , नैक, एन.आइ.आर.एफ और एन.बी.ए. रैंकिग के आधार पर विश्वविद्यालयों की वर्तमान स्थिति के बारे समीक्षा की। कुलपतियों से यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों यूजीसी के नियमानुसार शैक्षणिक कलेंडर तैयार कर उसी के तहत शैक्षिक कार्य योजना को अपनाए जिससे निश्चित रूप से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

राज्यपाल श्री आर्य ने सभी कुलपतियों से कहा कि वे अपने-अपने विश्वविद्यालयों में सभी दस बिन्दूओं पर कार्य कर शिक्षा के क्षेत्र में भी हरियाणा को प्रथम राज्य बनाने का कार्य करें। उन्होनें कहा कि कोई भी देश शिक्षा से ही महान बनता है। सभी अधिकारीगण विश्वविद्यालयों परिसरों में अच्छे शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ विद्यार्थियों को अनुशासन और नैतिकमुल्यों का भी पाठ पढ़ाएं। उन्होनें कहा कि गुरू का दर्जा भगवान से भी बढ़कर होता है इसलिए चाहिए कि वे पूरी निष्ठा एवं जिम्मेवारी के साथ विद्यार्थियों को संस्कारित करें।

इससे पूर्व उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनिल कुमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों नियुक्तियों के मामलें में न्यायालय व सरकार द्वारा जारी हिदायतों को पूर्ण रूप से लागू करें । किसी भी मामलें में अनियमितता न बरते, जिससे नियुक्तियों के मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी हो। उन्होनंे यह भी कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी विश्वविद्यालय का मामला लंबित है तो विभाग के संज्ञान में लाएं ताकि ऐसे मामलों कोे शीघ्रातिशीघ्र निपटाया जा सके।

बैठक में राज्यपाल के सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने कहा कि सभी कुलपति दस बिन्दू ऐजेन्डा के अनुसार अपनी रिपोर्ट राजभवन भिजवाएं।

कैप्शन 1- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेते हुए।