राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि वे किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश में पशुधन के विकास के लिए नईं योजनाएं क्रियान्वित करें-17.01.19

January 24, 2019

चण्डीगढ़ 17, जनवरी-  हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि वे किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश में पशुधन के विकास के लिए नईं योजनाएं क्रियान्वित करें। श्री आर्य आज राजभवन में हरियाणा पशु चिकित्सा परिषद एवं पशुपालन विभाग हरियाणा द्वारा प्रकाशित ‘‘प्राकृतिक पशु चिकित्सा पद्धति‘‘ नामक पुस्तिका का विमोचन करने पश्चात विभाग के मंत्री श्री ओ.पी. धनखड़ व विभागीय उच्च अधिकारियों से बात कर रहे थे। इस पुस्तिका में पशुओं की 16 बिमारियों के प्राकृतिक इलाज के बारे में बताया गया है। 

उन्होने कहा कि हरियाणा एक ऐसा प्रदेश है जहां पशुधन विकास की अपार संभावनाएं  है। इन्ही संभावनाओं को देखते हुए विभाग ने पशु नस्ल सुधार व पशु चिकित्सा के क्षेत्र मंे सराहनीय कार्य किया है, जिससे हरियाणा प्रति व्यक्ति दुध उपल्बद्धता में देश में दूसरे स्थान पर है। 

हरियाणा की मुर्रा भैंस विदेशों में चर्चित है। प्रदेश में गौ-भैंस प्रजनन व डेरी विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 24 करोड़ 98 लाख रूपये खर्च किए जा रहे है, जिससे हरियाणा साहीवाल व गिर नस्लों के सुधार पर कार्य होगा, इससे प्रदेश के किसानों की आय भी दोगुणी हेागी। उन्होने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में हरियाणा का अग्रणी स्थान होने से पशु चिकित्सा के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे है।

पशु चिकित्सा के संबन्ध में कृषि एवं पशु पालन विकास मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने बताया कि हरियाणा में पशु चिकित्सा के लिए मोबाईल ‘‘वैटेनरी युनिट‘‘ योजना शुरू की जा रही है। इस महत्वाकंाक्षी योजना के तहत  विभाग के डाॅक्टरों की टीम बीमार पशु के पास जाकर पशुओं का इलाज करेगी जिस भी किसान का पशु बीमार होगा यह युनिट फोन करने पर ही किसान के घर द्वार पर पहुंचेगी। पशु चिकित्सा के क्षेत्र में यह विभाग का एक क्रान्तिकारी कदम है। उन्होने बताया कि प्र्रदेश में गौ-संरक्षण के लिए गौशालाओं को 30 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जा रही है। इसके साथ-साथ गौशालाओं मे 9़0 प्रतिशत की सब्सीडी पर सौलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे है। उन्होने राज्यपाल श्री आर्य को विभाग का लोगो भी भेंट किया।

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा0 सुनील कुमार गुलाटी ने विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘‘प्राकृतिक पशु चिकित्सा पद्धति‘‘  के  बारे में बताया कि इस पुस्तक में पशुओं की 16 बिमारियों का  ‘‘प्राकृतिक चिकित्सा से इलाज के बारे बताया गया है। जिनमें थनैला रोग, मुंहखुर रोग, दस्त, कृमि रोग, थन में पानी उतरना एवं सोजिश, थन के चेचक, चिचड़ , बुखार, जेर नही गिरना, बांझपन की समस्या आदि रोगो का इलाज बताया गया है। उन्होने विभागीय अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया इस मौके पर किसान कल्यााण कैमिसन के चेयरमैंन डा0 रमेश यादव सदस्य सचिव डा0 राजेन्द्र बाल्याण तथा डेयरी विकास विभाग के महा निदेशक डा0 हरदीप सिंह भी उपस्थित थे।

कैप्शनः1- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य राजभवन में हरियाणा पशु चिकित्सा परिषद एवं पशुपालन विभाग हरियाणा द्वारा प्रकाशित ‘‘प्राकृतिक पशु चिकित्सा पद्धति‘‘ नामक पुस्तिका का विमोचन करते हुए।