राजभवन में संस्थागत विकास योजना की कार्यशाला का शुभारम्भ -31.05.2018

May 31, 2018

चण्डीगढ, 31 मई। हरियाणा के राज्यपाल हरियाणा प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने आज राजभवन में संस्थागत विकास योजना की कार्यशाला का शुभारम्भ किया। कार्यशाला का उद्देश्य बाजार संचालित कृषि के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए संस्थागत क्षमता को मजबूत करना है।

 इस अवसर पर राज्यपाल और कृषि व कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की उपस्थिति में चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार और अमेरिका की मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी ने संस्थागत विकास योजना के डिजाइन और कार्यान्वयन में आपसी सहयोग के लिए हाथ मिलाए हैं। इस अवसर पर चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ0 के0पी0 सिंह, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अतिरिक्त महानिदेशक डाॅ0 पी0 रामासुन्दरम, राज्यपाल के सचिव डाॅ0 अमित कुमार अग्रवाल आदि उपस्थित थे। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर से सीनियर एसोसिएट डीन डाॅ0 डगलस डी0 भुलर और हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की ओर से डीन डाॅ0 के0एस0 ग्रेवाल ने इस उद्देश्य के अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कर उसका आदान प्रदान किया। 

इस अनुबंध के लिए बधाई देते हुए राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि दो विश्वविद्यालयों के सांझा प्रयासों से की गई यह पहल विश्व के कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम लाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य की अर्थव्यवस्था में  कृषि की प्रमुख भूमिका है। यह क्षेत्र राज्य की कामकाजी आबादी को लगभग 50 प्रतिशत रोजगार प्रदान करता है। हरियाणा सरकार की किसान अनुकूल नीतियों के कारण इस राज्य के किसानों ने दृढता से आगे बढते हुए अतिरिक्त अनाज का उत्पादन किया है। यह राज्य 1966 में अस्तित्व में आया। तबसे राज्य में अनाज उत्पादन में लगभग सात गुणा वृद्धि हुई है जो इस राज्य के लिए गर्व की बात है। फिर भी हमें कृषि और कृषि-उद्योगों में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिनका समाधान किया जाना आवश्यक है ताकि राज्य अपने समृद्ध संसाधनों का पर्याप्त लाभ उठा सके। इस दिशा में मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी और हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार मिलकर काम करेंगे।

उन्होेंने कहा विश्व में भारत के कौशल की विश्वसनीयता आज पहले से अधिक है। विकसित देश भी हमारे युवाओं की प्रतिभा और कौशल का लोहा मानते हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने ‘स्किल इंडिया’ अभियान शुरू किया है जिसका लक्ष्य 2022 तक विभिन्न कौशलों में भारत में 40 करोड़ से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करना है। इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन, राष्ट्रीय कौशल विकास और उद्यमिता नीति 2015, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और कौशल ऋण योजना जैसे सरकार के विभिन्न प्रोत्साहन शामिल हैं।

इससे पहले हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि दुनिया में कहीं भी किसान की हालत अच्छी नहीं है। खेती का काम पूरी दुनिया में सम्पन्न व्यक्ति नहीं करता है। इसलिए कृषि को लाभ वाला क्षेत्र बनाने के लिए किसान को अपनी पैदावर सीधे बाजार में बेचनी चाहिए। यही नहीं कृषि क्षेत्र को सर्विस सेक्टर में बदलने की जरूरत है जिससे कि सर्विस सेक्टर का लाभ किसानों को मिले। उन्होंने कहा कि चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रहा है और कृषि क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस विश्वविद्यालय के प्रयास का ही फल है कि आज हरियाणा गेहूं, गन्ना, दूध आदि में रिकार्ड उत्पादन कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भावान्तर योजना से प्रोत्साहित होकर अगले साल बागवानी में भी हम रिकार्ड उत्पादन करेंगे।

चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो0 के0 पी0 सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व शोध    उत्कृष्टता, प्रौद्योगिकी प्रसार और राज्य में कृषि विकास में अग्रणी भूमिका को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् ने पहली बार इसे संस्थागत विकास योजना की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की आय पिछले डेढ साल में आठ गुणा बढी है। विश्वविद्यालय ने तीन मास में आठ पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इसमें 18 देशों के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और इस प्रकार यह कृषि शिक्षा का विश्वस्तरीय हब बन गया है।

मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के सीनियर एसोसिएट डीन डाॅ0 डगलस डी0 भुलर ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि कृषि क्षेत्र में उत्कृट काम करने वाली दो संस्थाएं किसानों के लाभ के लिए एक मंच पर आई हैं।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के अतिरिक्त महानिदेशक डाॅ0 पी0 रामासुन्दरम ने कहा कि संस्थागत विकास योजना एक बहुत बड़ी परियोजना है जिसके लिए आधा खर्च भारत सरकार और आधा विश्व बैंक कर रहा है। इस अवसर पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों- स्टेटजी डाक्युमेंट फाॅर डबलिंग आॅफ फारमर्स इनकम इन हरियाणा और मडिसनल प्लांटस आॅफ उतराखण्ड का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर मिशिगन स्टेट विश्वविद्यालय से डाॅ0 करीम मरेडिया, इलेनोय विश्वविद्यालय से डाॅ0 वी0के0 विजय, युनिवर्सिटी आॅफ मसेचुसैट से डाॅ0 ओ0पी0 धनखड़, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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