पंचतत्वों से बने शरीर को बचाना है तो पंचतत्वों को पहले बचाना होगा-राज्यपाल 22.04.2018

April 23, 2018
पंचतत्वों से बने शरीर को बचाना है तो पंचतत्वों को पहले बचाना होगा। यदि हम इनका संरक्षण नहीं करेंगे तो धरती पर से मानव ही नहीं सम्पूर्ण जीवन का अस्तित्व मिट जाएगा। यह बात हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने आज पृथ्वी दिवस के उपलक्ष में ‘पर्यावरण संरक्षण’ पर आयोजित सम्मेलन में बोलते हुए कही। सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल प्लेटफार्म फाॅर इन्वायरमेंट संस्था द्वारा पंजाब विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया था। राज्यपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया।
प्रो0 सोलंकी ने आगे कहा कि आज के मनुष्य का दुर्भाग्य है कि वह अपने-आपको ही नहीं जानता। अगर अपने शरीर को ही जान लेगा तो यह शरीर जिन पांच तत्वों-पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि और वायु से बना है, उनको नष्ट नहीं करेगा। इसलिए मानवमात्र को इन पांचों तत्वों के प्रति संवेदनशील बनाने की जरूरत है। इसके लिए किसी स्थान अथवा देश विशेष में ही नहीं पूरे संसार में जनमत बनाने का अभियान चल रहा है। इसीलिए 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। 
पृथ्वी दिवस पर सबको शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह धरती हमारी मां है। इसलिए इसके प्रति हमारी श्रद्धा और आस्था वैसी ही होनी चाहिए जैसी जन्म देने वाली मां के प्रति होती है। भारतीय संस्कृति में तो ‘माता भूमि पुत्रो अहम् पृथिव्या’ कहते हुए धरती की वंदना की जाती है। यह सत्य भी है क्योंकि यही धरती हमें जीवन के लिए आवश्यक सब चीजें प्रदान कर हमारा पालन करती है। अतः इसके प्रति गहन आस्था हर व्यक्ति में जगनी चाहिए। सम्मेलन के आयोजकों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन यह आस्था जगाने का काम करते हैं।
इससे पहले पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शिआवक्स जाल वजीफदार, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हेमंत गुप्ता और राष्ट्रीय युवा परियोजना के संस्थापक डाॅ0 एस0एन0 सुब्बाराव ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया। ग्लोबल प्लेटफार्म फाॅर इन्वायरमेंट संस्था के राष्ट्रीय संयोजक सेवानिवृत जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने सबका स्वागत किया और पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 अरूण कुमार ग्रोवर ने धन्यवाद किया। 
22042018
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