नारी के प्रति दृष्टिकोण को बदलकर ही उसके सम्मान और गरिमा को स्थापित किया जा सकता है-राज्यपाल 08.03.2018

March 09, 2018
चंडीगढ, 8 मार्च। नारी के प्रति दृष्टिकोण को बदलकर ही उसके सम्मान और गरिमा को स्थापित किया जा सकता है। यह बदलाव संस्कार से आ सकता है, कानून से नहीं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने महिला दिवस यही विचार करने के लिए बनाया है कि महिलाओं के प्रति आपकी सोच क्या है। ये उद्गार हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में आयोजित गोष्ठी में बोलते हुए व्यक्त किए। गोष्ठी का आयोजन उच्चतर शिक्षा विभाग, चण्डीगढ द्वारा स्थानीय देव समाज कालेज के सभागार में किया गया था।
राज्यपाल ने आगे कहा कि नारी की शक्ति को पहचानते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मादी ने विचार किया कि देश के विकास में नारी का नेतृत्व क्या है। इसीलिए उन्होंने रक्षा, विदेश, संचार, खाद्य प्रसंस्करण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की मंत्री महिलाओं को बनाया है। यही नहीं देश की सबसे बड़ी सभा लोकसभा की अध्यक्ष भी नारी को ही बनाया गया। 
हरियाणा से बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान को शुरू किए जाने का जिक्र करते हुए प्रो0 सोलंकी ने कहा कि इस अभियान से बदली सोच का ही परिणाम है कि आज हरियाणा इस अभियान को सफल करने में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सही दृष्टिकोण विकसित हो जाएगा तो पूरा देश स्वर्ग बन जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाली बेटियों को सम्मानित भी किया।
इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता अजय जग्गा ने महिला सशक्तिकरण के लिए कानूनी जागरूकता की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। देव समाज काॅलेज की प्राचार्या डाॅ0 अग्नेश ढिल्लों ने अतिथियों का स्वागत किया और देव समाज संस्था के सचिव निर्मल सिंह ढिल्लों ने धन्यवाद किया। 
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के सचिव बी0एस0 शर्मा, निदेशक राकेश कुमार पोपली आदि उपस्थित थे।
 
08032018