कुरूक्षेत्र विश्व का बडा आध्यात्मिक, धार्मिक और विशाल शिक्षा का केन्द्र है-राज्यपाल 23.11.2018

November 24, 2018

चंडीगढ,़ 23 नंवबर- हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि कुरूक्षेत्र विश्व का बडा आध्यात्मिक, धार्मिक और विशाल शिक्षा का केन्द्र है। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्री कृष्ण ने सबसे पहले पवित्र ग्रंथ गीता में वसुधैव कुटम्बकम् का संदेश दिया। पवित्र गं्रथ गीता में कहा गया है कि कर्मप्रधान विश्व कर राखा-जो जिसु करहि तस फल चाखा। भगवान श्री कृष्ण ने तीनो काल चक्रों का गीता में वर्णन किया है। 

राज्यपाल श्री आर्य शुक्रवार को कुरूक्षेत्र के विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान द्वारा स्थानीय गीता निकेतन आवासीय विद्यालय के माधव विशाल कक्ष के प्रागंण में आयोजित 3 दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव का उदघाटन कर समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के सरंक्षक ब्रह्मड्ढदेव शर्मा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री कर्णदेव काम्बोज, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष डा. गोविंद प्रसाद शर्मा, ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। राज्यपाल श्री आर्य ने हरियाणा इतिहास एवं संस्कृति अकादमी द्वारा भारतीय दर्शन संस्कृति दीर्घा पर लगी प्रदर्शनी का शुभारम्भ कर अवलोकन भी किया।

अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि कुरूक्षेत्र में विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव में उपस्थित होकर मैं गौरव का अनुभव कर रहा हूं।  कुरूक्षेत्र की पवित्र भूमि पर कौरवों और पाण्ड़वों का धर्म युद्ध हुआ, जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय सादा जीवन एवं उच्च विचारों के महान व्यक्ति थे। उन्होने समस्त समाज की चिन्ता की। उन्होंने एकात्म मानववाद् का नारा दिया। उनका मकसद था की शिक्षा को निःशुल्क किया जाए और शिक्षा का व्यवसायीकरण ना हो। उन्होंने कहा कि भारत एक युवा देश है और इस देश के युवाओं को अपनी शक्ति को पहचानना होगा ताकि इसका सकारात्मक प्रयोग अपने व देश के लिए किया जा सके। युवाओं को चाहिए की वे उच्च शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बने तथा अनुशासन व शिष्टाचार में रहकर अपने माता-पिता, गुरूजनों व बड़ों का आदर करे। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में गुरु की महता को भगवान से भी उपर स्थान दिया गया है। इसलिए हमें अपने गुरुजनों का आदर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संविधान की रचयिता भारत रत्न बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर एक महान शिक्षाविद थे। उनके जीवन से हम सबको प्रेरणा लेने की जरुरत है। इसी प्रकार स्वामी विवेकानन्द एवं स्वामी दयानंद सरस्वति ने समाज का चिंतन किया और समाज को एक नई राह दिखाने का काम किया। इन्ही सिन्द्धातों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल देश व प्रदेश को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए प्रयत्नशील है और जन कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से देश और प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रहे है। 

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में शिरकत करते हुए नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री कर्णदेव काम्बोज ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसकी संस्कृति की पहचान पूरी दुनिया में है। भारत में संस्कारों की शिक्षा बचपन से ही दी जाती है तथा इस कार्य को विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के गीता को पाठयक्रम में शामिल करने के निर्णय से बच्चों में धार्मिक संस्कार और अधिक बढ़ेंगे। वर्तमान समय में शिक्षा बहुत जरुरी है तथा शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। वर्तमान सरकार सबका साथ-सबका विकास, हरियाणा एक-हरियाणवी एक के सिद्धांत पर बिना भेदभाव के कार्य कर रही है।

इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष डा. गोविंद प्रसाद शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया तथा राष्टड्ढ्रीय चरित्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में राज्यपाल ने भारतीय संस्कृति में बेहतर कार्य करने के लिए डा. हिम्मत सिंह सिन्हा तथा चित्रकारी में बेहतरीन कार्य करने पर वीपी वर्मा को सम्मानित किया। कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का स्वागत तथा परिचय  विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के राष्टड्ढ्रीय महामंत्री अवनीश भटनागर ने किया तथा संस्थान के निदेशक डा. रामेन्द्र सिंह ने धन्यवाद किया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा संास्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में मंच का संचालन भूपेन्द्र शर्मा तथा श्वेता त्रिखा ने संयुक्त रुप से किया। इस मौके पर स्कूल के पिं्रसीपल नारायण सिंह, एसपी सुरेन्द्र पाल सिंह, एडीसी अनिश यादव सहित संस्थान के सभी सदस्य, गणमान्य व्यक्ति तथा स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

 

कैप्शन- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य कुरूक्षेत्र में तीन दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव का उदघाटन करते हुए।

कैप्शन 2- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य कुरूक्षेत्र में तीन दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव के अवसर पर हरियाणा इतिहास एवं संस्कृति अकादमी द्वारा भारतीय दर्शन संस्कृति दीर्घा पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए।