जिस सभा में संत उपस्थित होते हैं उसमें सम्पूर्ण भारत के दर्शन होते हैं-राज्यपाल 14.04.2018

May 15, 2018

चण्डीगढ, 14 मई जिस सभा में संत उपस्थित होते हैं उसमें सम्पूर्ण भारत के दर्शन होते हैं, क्योंकि संसार में भारत ऐसा देश है जिसे किसी राजा ने नहीं बल्कि संतों ने बनाया है। इसकी पहचान कोई राजा नहीं है। यह बात हरियाणा के राज्यपाल प्रो० कप्तान सिंह सोलंकी ने आज सक्रांति महोत्सव में जैन आचार्य विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज का आशीर्वाद लेने के बाद अपने सम्बोधन में कही। सक्रांति महोत्सव का आयोजन श्री आत्मानन्द जैन सभा द्वारा स्थानीय सेक्टर 27 स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में किया गया था।

राज्यपाल ने आगे कहा कि संतों ने भारत के कण-कण में धर्म को स्थापित किया। इसलिए शरीर में जो महत्व प्राण का है वही महत्व राष्ट्र मंे धर्म का है। यदि धर्म चला गया तो जैसी हालत प्राण के बिना शरीर की होती है वैसी ही राष्ट्र की हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जैन तीर्थंकरों, आचार्याें और मुनियों ने सदियों से इस धर्मध्वजा को भारत में ही नहीं बल्कि विश्वभर में फहराया है। उन्होंने सत्य की खोज कर उसे अपने जीवन में उतार लिया, इसीलिए वे तीर्थंकर कहलाए।

सक्रांति महोत्सव में चण्डीगढ के मेयर देवेश मोदगिल, श्री आत्मानन्द जैन सभा के प्रधान संजय जैन, अनेक मुनिजन और श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

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