सन्त गुरू कबीर दास जी का समभाव का संदेश आज भी प्रासंगिक है, इसलिए हम सबको कबीर जी की शिक्षाओं को अनुसरण कर समाज में एकता और समभाव के संदेश को फैलाना चाहिए-राज्यपाल 16.06.19

June 18, 2019

चंडीगढ़, 16 जून- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा है कि सन्त गुरू कबीर दास जी का समभाव का संदेश आज भी प्रासंगिक है, इसलिए हम सबको कबीर जी की शिक्षाओं को अनुसरण कर समाज में एकता और समभाव के संदेश को फैलाना चाहिए। 
उन्होनें कहा कि सन्त कबीर दास जी समाज में फैले आडम्बर के विरोधी थे। उन्होनें लोगों को एकता का पाठ पढ़ाया। एक महान कवि और लेखक दौहों के रूप उनकी वाणी मानव को जीवन की सदैव नई प्ररेणा देती है। उन्होनंे सदैव अपनी लोक प्रचलित व सरल भाषा में लिखकर मानवता का संदेश दिया जो आज भी मनुष्य को ज्ञान और अध्यात्म से जोड़ता है। 
श्री आर्य ने कहा कि कबीर जी ने मध्यकाल में जो बातें कही है आज भी ऐसी लगती है जैसे उन्होनें आज के संदर्भ में कही हो। कबीर दास जी एक मानवता के पक्षधर हैं और उन्होनंे जीव हत्या का विरोध किया है। इसके साथ-साथ वे धर्म के विरोध में नही बल्कि धर्म के नाम पर होने वाले पांखड के विरोध में खड़े दिखाई देते है। उन्होने अपनी वाणी में संसार में सदैव मानवता की खुशहाली की कामना की है। उन्होने लिखा है कि:-
कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सबकी खैर,
ना काहू से दोस्ती,न काहू से बैर।

अर्थातः- इस संसार में आकर कबीर अपने जीवन में बस यही चाहते हैं कि सबका भला हो और संसार में यदि किसी से दोस्ती नहीं तो दुश्मनी भी न हो !