शहीद शिरोमणि उधम सिंह के 79वें राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह-31.07.19

August 01, 2019

चण्डीगढ़ 31 जुलाई -हरियाणा के महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने हरियाणा काम्बोज महासभा द्वारा रादौर की अनाज मंडी में आयोजित शहीद शिरोमणि उधम सिंह के 79वें राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह में कहा कि देश के प्रत्येक युवा में शहीदों जैसा देशप्रेम का जज्बा होना चाहिए। इससे देश और मजबूत होेगा। उन्होनें कहा कि शहीद उधम सिंह व असंख्य शहीदों की बदौलत ही हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। शहीदों ने देश के इतिहास को अपने खून से लिखा है। अतः उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल को हरियाणा काम्बोज सभा द्वारा पगड़ी पहनाकर, शाल भेट कर  व स्मृति चिन्ह देकर समानित किया। इस मौके पर अवसर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया व शहीद उधम सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। 
शहीद शिरोमणि उधम सिंह के राज्य स्तरीय शहीदी दिवस पर बोलते हुए महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में आकर गौरव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों की चिताओं पर लगेगे हर वर्ष मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा। उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह जिनका बचपन का नाम शेर सिंह था का जन्म  26 दिसम्बर 1899 को सुनाम में माता हरनाम कौर व पिता सरदार टहल सिंह के घर हुआ था। छोटी सी ही उम्र में ही इनके मामा पिता का देहांत हो गया और इन्हे अमृतसर के अनाथालय में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में आयोजित सम्मेलन में अंग्रेज जरनल डायर द्वारा बेकसूर भारतीयों पर गोलियां चलाई गई थी जिसमें लगभग 3 हजार लोगों की हत्या कर दी गई। उस समय महान शहीद उधम सिंह की पानी पिलाने पर डयूटी थी। इस हत्या कांड से उधम सिंह को गहरा अघात लगा और उन्होंने कसम खाई कि वे इस हत्याकांड का बदला लेंगे और उन्होंने 21 साल बाद 13 मार्च 194० को इंग्लैड में जरनल डायर को गोली मारकर बदला लिया और इग्लैंड में ही 31 जुलाई 194० को फांसी दे दी गई। ऐसे वीर शहीद को हमेशा नमन करना चाहिए। 
राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि बलिदान के 34 वर्ष बाद शहीद उधम सिंह के अवशेषों को इग्लैंड से भारत लाया गया और उनकी अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया गया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी भारत के वीरों ने कई युद्धों व सर्जीकल स्टराईक में भी दुश्मनों के दांत खटे किए हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे देश व धर्म की रक्षा के लिए शहीद उधम सिंह व अन्य वीरों की तरह हमेशा तैयार रहें। युवा देश की वह शक्ति हैं जो पत्थर को पानी बना सकती हैं। उन्होंने डाक्टर भीम राव अम्बेडकर के तीन सूत्रों-शिक्षित बनों, सघर्ष करो तथा संगठित रहो को अपने जीवन मेें अपनाने पर जोर दिया और इन्हीं सूत्रों पर चलकर देश उन्नति कर सकता है। उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह का शहीदी दिवस हर वर्ष पूरे देश में मनाने के लिए केन्द्र व सभी राज्य सरकारों को कदम उठानें चाहिए और इसके लिए केन्द्र व राज्य सरकारों को प्रस्ताव भिजवाए जाने चाहिएं। 
शहीद उधम सिंह के राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह के अवसर पर महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने काम्बोज धर्मशाला कुरूक्षेॠत्र में विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए अपने एच्छिक कोष से 15 लाख रूपये देने की घोषणा की व दिव्यांग छात्र मुनीष कुमार जिसने महामहिम राज्यपाल को उनकी हाथ से बनाई गई फोटो दी, को राज्यपाल महोदय ने 25 हजार रूपये की राशि देकर सम्मानित किया। उन्होंने पंचकूला के महेन्द्र पाल काम्बोज द्वारा शिरोमणि शहीद उधम सिंह जी की जीवनी एवं काम्बोज बिरादरी का पिछला इतिहास नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। 
शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस समारोह में अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए हरियाणा विधानसभा के स्पीकर कंवर पाल ने कहा कि हमें गर्व है कि हम महान स्वतंत्रता सेनानियों की संतान हैं। उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह ने छोटी उम्र में शपथ ली थी कि जलियांवाला बाग की घटना का बदला लूंगा और लम्बे समय तक उसने अपना इरादा नहीं बदला। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस हत्याकांड का बदला न लिया जाता तो हमेशा भारतीयों के माथे पर कंलक रहता। उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह ने अपने प्रण को निभाया जो एक गौरव का विषय है। उन्होंने हरियाणा काम्बोज सभा को बधाई दी और कहा कि उधम सिंह ने शहीदी देश के लिए दी। उनके जीवन को हमेशा याद करना चाहिए क्योंकि उनके जीवन से हमें अपने देश पर मर मिटने और अपने देश के लिए काम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर हमें हमेशा देश हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने काम्बोज धर्मशाला के लिए 5 लाख रूपये देने की घोषणा की।  
हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने शहीद उधम सिंह के राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह मेें अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि शहीद उधम सिंह के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में 3 हजार से भी अधिक निहत्थे व बेकसूर व्यक्ति मारे गए थे। उस समय वहां उपस्थित उधम सिंह ने इस हत्याकांड का बदला जरनल डायर को मारकर इग्लैंड में लिया था। ऐसे शहीद को हमेशा नमन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतों, गुरूवों व शहीदों के सम्मान समारोह सरकारी तौर पर मनाए जा रहे हैं। इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने पहल की है। उन्होंने कहा कि हम शहीद उधम सिंह जैसे असंख्य महान शहीदों की बदौलत आजाद हैं। उन्होंने काम्बोज धर्मशाला के लिए 5 लाख रूपये देने की घोषणा की। 
शहीद उधम सिंह के राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री कर्णदेव काम्बोज ने कहा कि हमें शहीदों के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे की ओर जा रही है। अतः शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर सभी युवाओं को नशा मुक्ति के लिए प्रण लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम शहीदों की बदौलत ही खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा सिरसा की अनाज मंडी में 4 अगस्त को प्रातः 1० बजे श्री गुरू नानक देव जी के 55० वें प्रकाश उत्सव पर्व का आयोजन किया जा रहा है। अतः सभी ज्यादा से ज्यादा संख्या में सिरसा पहुंचकर इस पर्व की शौभा बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि महापुरूषों व शहीदों को हमेशा याद रखने वाला देश हमेशा तरक्की करता है। उन्होंने काम्बोज धर्मशाला कुरूक्षेत्र के लिए 11 लाख रूपये तथा रादौर काम्बोज धर्मशाला के लिए 5 लाख रूपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही शहीद उधम सिंह के राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह में लगाई गई प्रदर्शनी में प्रथम स्थान पर रहे स्टाल को 21 हजार रूपये तथा द्वितीय व तृतीय स्थान पर रही स्टालों को 11-11 हजार रूपये देने की घोषणा की। 
उधम सिंह के शहीदी दिवस समारोह में डेरा बाबा भूमण शाह सिरसा के महंत बाबा ब्रहम दास ने कहा कि भारत वर्ष की भूमि गुरूओं, संतों, अवतारों की धरती रही हैं जिन्होंने ने ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने कहा कि आज हम उन महान आत्माओं को याद करते हुए शहीदी दिवस मना रहे हैं। आज की युवा शक्ति बढ़चढ़ कर देश की सेवा में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि नशे का समाप्त करने के लिए सभी को कदम उठाने चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि देश की सेवा के लिए सदैव तैयार रहें और महान शहीदों को हमेशा याद रखें। पूर्व मंत्री डा. कमला वर्मा ने भी शहीदी दिवस समारोह में भी अपने विचार रखे और कहा कि हमें शहीद उधम सिंह के जीवन से देश के लिए मर मिटने की सीख लेनी चाहिए। हरियाणा काम्बोज महासभा के मास्टर कुमेर सिंह ने शहीदी दिवस समारोह में पधारे महानुभावों का स्वागत किया और काम्बोज महासभा की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को पगडी, शाल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 
इस अवसर पर रादौर के विधायक श्याम सिंह राणा, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, सढ़ौरा के विधायक बलवंत सिंह, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, इन्द्री के पूर्व विधायक राकेश काम्बोज, उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव, अतिरिक्त उपायुक्त के.के.भादूृ, रादौर के एसडीएम कंवर सिंह, रादौर के तहसीलदार अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी, मान सिंह आर्य, लालचन्द, ज्ञान सिंह, भूपेन्द्र सिंह, वेद प्रकाश, कल्याण सिंह, सुखा सिंह, डा. सतीश, अमित काम्बोज, स. कुलवत सिंह, श्रीमती मीना कुमारी, बाबूराम काम्बोज, गणमान्य व्यक्ति व हजारों की संख्या में पुरूष, महिलाएं व बच्चें भी उपस्थित थे।

कैप्शन 1- हरियाणा के महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य  शहीद उधम सिंह के 79वें शहीदी दिवस के अवसर पर रादौर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में  शहीदी उधम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए।
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कैप्शन 2- हरियाणा काम्बोज सभा के प्रतिनिधि हरियाणा के महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को शहीद उधम सिंह के 79वें शहीदी दिवस के अवसर पर रादौर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित करते हुए ।