राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने उच्चतर शिक्षा की सभी शिक्षण संस्थाओं का आहवान किया -08.10.2018

October 08, 2018

चण्डीगढ, 08 अक्तुबर  - हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने उच्चतर शिक्षा की सभी शिक्षण संस्थाओं का आहवान किया है कि वें अपने एकैडमिक कोर्सो में पाठय-क्रम के साथ-साथ विद्यार्थियों की रूचि अनुसार स्कील-डेवलपमैंट के विषय भी जोडें ताकि विद्यार्थियों को डिग्री प्राप्त करने के बाद बेरोजगारी जैसी समस्या का सामना न करना पडे़। राज्यपाल     श्री आर्य आज राजभवन में उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग, हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमति ज्योति अरोड़ा से बात कर रहे थे। 

उन्होने कहा कि शिक्षण संस्थाएं गुणवत्ता की शिक्षा के साथ-साथ जाॅब आॅरिऐंटिड पाठ्यकर्मो पर फोकस करें, जिससे विद्याथियों को शिक्षण संस्थाओं से निकलने के बाद आसानी से रोजगार मिल सके। आज की युवा पीढ़ी का मुल्यों पर आधारित शिक्षा की ओर ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता है इससे देश की युवा पीढ़ी की सोच बदलेगी और राष्ट्र-भक्ति और देश-प्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होने कहा कि वे शीघ्र ही निकट भविष्य में विश्वविद्यालयोें के कुलपतियों की बैठक लेंगे और इस बैठक में विश्वविद्यालयोें में ढ़ांचागत सुविधाओं के साथ-साथ शैक्षिणक व प्रशासनिक गतिविधियों का ब्योरा लेंगे। 

श्री आर्य ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में तीन दर्जन से भी अधिक विश्वविद्यालय है, जिनमें 22 विश्वविद्यालय निजी क्षेत्र के है। पिछले लगभग चार सालों से प्रदेश में 44 महाविद्यालय खोलें गये है जिनमें 29 महिला महाविद्यालय हैं। इससे पता चलता है कि महिला शिक्षा के प्रति राज्य सरकार पूरी तरह गंभीर है। उन्होने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सभी विश्वविद्यालयोें में  बेहतर स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हों।

उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमति ज्योति अरोड़ा ने बताया कि केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा कई विश्वविद्यालयोें को स्वायता प्रदान की गई है जिससे विश्वविद्यालय स्वयं कई कोर्साे का स्वयं डिजाईन कर सकते है। इसके साथ-साथ विश्वविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में जी.एस.टी जैसे विषयों पर जानकारी देने के लिए उन्हे ज्ञान देने के लिए भी कोर्सिस तैयार किये जा रहे है। उन्होने बताया कि पिछले समय से तकनीकी, चिकित्सा, स्वास्थ्य व उच्चतर की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। 

उन्होने बताया कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढावा देने के लिए राजकीय/सरकारी सहायता प्राप्त बहु-तकनीकी संस्थानो द्वारा प्रशिक्षुओं को विभिन्न ट्रैडस में 3 से 6 मास का अल्पावधि माॅड़युलर कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी तरह से केन्द्र सरकार की एकीकृत कौशल विकास योजना राज्य के आधा दर्जन से भी अधिक जिलों में प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा स्थापित प्रशिक्षण केन्द्रों में लाूु की गई है। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अंप्रैटिस कार्यक्रम मंे जोडा गया है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को चैपियन आॅफ चंेज के लिए सर्वश्रेष्ठ अवार्ड से नवाजा गया है। 

पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के तहत आज महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय मुंदड़ी        (कैथल) के कुलपति श्रेयांश द्विवेदी ने भी राज्यपाल श्री आर्य से भी मुलाकात की और विश्वविद्यालय की गतिविधियों का ब्योरा दिया। इसी क्रम मंे माता मनसा देवी चैरिटैबल एवं डेवलपमैंट ट्रस्ट के विष्णु गोयल भी राज्यपाल से मिले और उन्होने दशहरा पर्व पर रावण दहन अवसर पर आंमत्रित किया।

कैप्शन- उच्चतर एवं तकनीकी शिक्षा विभाग हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमति ज्योति अरोड़ा हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य से बातचीत करते हुए।