राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार समारोह-05.09.19

September 09, 2019

चंडीगढ़, 5 सितंबर- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने अध्यापकों का आहवान किया है कि 21वीं सदी में वे बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण की शिक्षा भी दें ताकि भारत वर्ष को फिर से विश्व गुरू का दर्जा मिल सके। 

श्री आर्य आज हरियाणा राजभवन में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने की। इस समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 40 अध्यापकों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक अध्यापक को एक शॉल, प्रशस्ति पत्र व 21 हजार रूपए की राशि दी गई। 

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वास्तव में अध्यापक ही राष्ट्र-निर्माता होता है। शिक्षक ही राजनेता, समाजसेवी, प्रशासक, विज्ञानवेत्ता, सैनिक, तकनीशियन आदि का निर्माण करता है। आज के दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली  राधाकृष्णनन् जी का जन्म हुआ था। वे महान शिक्षक, चिन्तक, दार्शनिक और विद्वान थे। शिक्षक दिवस राष्ट्र के नवनिर्माण में अध्यापकों की भूमिका की समीक्षा का अवसर भी प्रदान करता है। 

राज्यपाल श्री आर्य ने सम्मानित होने वाले अध्यापकों को बधाई व अध्यापक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘आप अन्य अध्यापकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, इसलिए मेरा अनुरोध है कि आप ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर करे। जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी शिक्षा मिले। उन्होनें कहा कि बाबा साहेब डा0 भीम राव अम्बेडकर ने भी शिक्षा के महत्व को समझते हुए समाज को ‘‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो‘‘ का सूत्र दिया। 

उन्होनंेे कहा कि देश में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने   सर्व-शिक्षा अभियान की श्ुारूआत की थी। उन्ही के इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘न्यू इंड़िया‘‘ की कल्पना की और       ‘‘स्किल इंड़िया‘‘ का नारा दिया। स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए ‘‘नैशनल वोकेशनल एज्यूकेशनल क्वाॅलिफिकेशन फ्रेमवर्क‘‘ योजना चलाई गई। इस योजना को लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।

श्री आर्य ने हरियाणा सरकार की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में नैतिक मूल्यों व चरित्र निर्माण पर आधारित शिक्षा की व्यवस्था की है। इसे मूर्त रूप देने के लिए शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा भी बधाई के पात्र है। 

शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि शिक्षा, संस्कार तथा संस्कृति में भारत की पूरी दुनिया में प्रतिष्ठा है। जहां प्राचीन समय में भारत विश्वगुरू कहलाता था आज फिर से वही गौरव यात्रा हरियाणा ने शुरू की है। राज्य के सरकारी स्कूलों में नई पीढ़ी को देश की प्राचीन संस्कृति से अवगत करवाने के उद्देश्य से ‘‘गीता‘‘ को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होनें कहा कि प्रदेश में पहले 11 अध्यापकों को राज्यस्तरीय पुरस्कार दिए जाते थे, वर्तमान में 40 अध्यापकों को इस पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। उन्होनें अध्यापकों से अपील की कि युवा पीढ़ी को वर्तमान जरूरतों के अनुसार शिक्षा देने के साथ-साथ संस्कारी शिक्षा भी दे। 

शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य को विभाग की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, डा0 महावीर सिंह ने विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए पुरस्कृत हुए शिक्षकों को बधाई दी। उन्होनें कहा कि विभाग द्वारा बिहार के  ‘‘सुपर-30‘‘ की तर्ज पर हरियाणा में भी ‘‘सुपर-100‘‘ कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। जिसके तहत प्रतिभान बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की व्यवासायिक कोर्सोें और डिग्रियों में निशुल्क कोचिंग दी जा रही है। इस अवसर पर कार्यक्रम में विभाग के निदेशक डा0 बलकार सिंह ने सभी का धन्यवाद किया। 

  समारोह में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री सुनील गुलाटी, राज्यपाल के सचिव श्री विजय सिंह दहिया तथा प्राथमिक शिक्षा विभाग के निदेशक श्री महेश्वर शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कैप्शन 1ः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में पुरस्कृत हुए अध्यापकों के समूह चित्र में। उनके साथ है हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री रामबिलास शर्मा।

कैप्शन 2ः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए।

कैप्शन 3ः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में दिव्यांग अध्यापक को पुरस्कृत करते हुए।