कुरक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में 32वें दीक्षांत समारोह -22.01.20

January 23, 2020

चण्डीगढ़ 22 जनवरी हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि युवा पीढ़ी की सकारात्मक सोच से ही देश आगे बढ़ सकता है। युवाओं को चाहिए कि वे राष्ट्रहित में अपनी उर्जा का भरपूर प्रयोग करे ताकि भारत दुनिया का सर्वश्रेष्ठ देश बन पाए। 

राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य बुधवार को कुरक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में 32वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। उन्होनें कहा कि युवा अपने उदेश्य को हासिल करने के लिए युवा पीढ़ी को अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार ग्रहण करने होंगे। इसी सोच को जहन में रखकर सरकार युवाओं के लिए प्रदेश में बड़े शिक्षण संस्थान स्थापित कर रही है। 

श्री आर्य ने दीक्षांत समारोह पर डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया और इस पावन धरा पर ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश की भावी पीढ़ी को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने का काम कर रहा है उन्होनें कहा कि इस दीक्षांत समारोह में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने त्याग और तपस्या के साथ शिक्षा ग्रहण की जिसका परिणाम आज इस समारोह में मिल रहा है। शिक्षा से ही विद्यार्थियों का सर्वांगिण विकास सम्भव है। यह विश्वविद्यालय भारत के प्राचीन काल के विश्वविद्यालयों के नक्शे कदम पर आगे बढ़ रहा है। इस शिक्षण संस्थान से शिक्षा ग्रहण करने के बाद युवा बड़ी कम्पनियों में काम कर रहे है और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की प्रगति के लिए युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास, डिजीटल इंडिया, फिट इंडिया, स्र्टाटअप इंडिया, स्वच्छ और स्वस्थ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा शिक्षण संस्थानों और शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है, सरकार ने प्रदेश में बड़े शिक्षण संस्थान स्थापित किए है। आज आबादी के मामले में हरियाणा का देश में 2 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन विश्वविद्यालयों के हिसाब से हरियाणा 6 प्रतिशत हिस्सा है। आज प्रदेश में 23 विश्वविद्यालय और 820 महाविद्यालय है, 1966 में प्रदेश में 6 तकनीकी शिक्षण संस्थान एक इंजिनियिरिंग कालेज था, लेकिन आज 187 बहु तकनीकी संस्थान और 150 इंजिनियिरिंग कालेज स्थापित किए गए है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य है इसलिए देश के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए राज्य सरकार सराहनीय कार्य कर रही है। इतना ही नहीं प्रदेश की युवा पीढ़ी को अनुशासित बनाने का काम कर रही है। राष्ट्रीय एकता के लिए जहां विद्यार्थी को जागरुक और अनुशासित होना चाहिए, वहीं अनुशासित विद्यार्थी ही देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकता है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय जैसे महान विचारकों ने शिक्षा के व्यवसायिकरण को बंद करने की बात कही, वहीं अमीर, गरीब, छोटे और बड़े व्यक्ति के लिए शिक्षा जरुरी होने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने शिक्षा के महत्व को समझा और देशवासियों को शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करने के तीन सूत्रों को अपने जीवन में अपनाने के लिए कहा। इतना ही नहीं डा. भीमराव अम्बेडकर ने एकत्रित होकर देश सेवा करने के लिए भी कहा। इसी प्रकार स्वामी दयानंद ने सकारात्मक सोच के साथ काम करने के लिए कहा है।

इससे पूर्व राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने परम्परा अनुसार 32वें दीक्षांत समारोह को शुरु करने की घोषणा भी की। इस दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने सत्र 2018-19 के एमफिल के 13, पीएचडी के 181 विद्यार्थियों और स्नातकोत्तर पास करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इस प्रकार इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के कुल 2405 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई और राज्यपाल ने इस समारोह में कला एवं भाषा संकाय से अर्पिता साहनी, समाज विज्ञान संकाय से कुलबीर, जीव विज्ञान संकाय से मोहित शर्मा, विज्ञान संकाय से दिव्या शर्मा, विज्ञान संकाय से हिमांशी बंसल, शिक्षा संकाय से सतेन्द्र, प्राच्य विद्या संकाय से कुसुम, विधि संकाय से प्रियंका वर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय से सोनिया रानी व अभियांत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संकाय से शिल्पा नागपाल को अपने संकायों में प्रथम स्थान हासिल करने पर गोल्ड मैडल व प्रंशसा पत्र देकर सम्मानित किया।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा ने 32वें दीक्षांत समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा मुल्यांकन एजेंसी द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ए प्लस ग्रेड और स्वायत्त विश्वविद्यालयों की श्रेणी में पहला स्थान और राज्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में 8वां स्थान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को दिया गया है और मानव संसाधन मंत्रालय ने विश्वविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलैंस बनाने के लिए 100 करोड़ रुपए की अनुदान राशि दी। इस राशि से विश्वविद्यालय में नए शोध केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अभी हाल में ही गोयल पुरस्कार के तहत देश के 7 महान वैज्ञानिकों को सम्मानित करने का काम किया है। इस विश्वविद्यालय ने शिक्षा और शोध पर विशेष फोकस रखा है, खेलों के क्षेत्र में पूरे राष्टड्ढ्र में एक मुकाम हासिल किया है और सांस्कृतिक गतिविधियों में विश्वविद्यालय हमेशा अव्वल रहा है। इतना ही नहीं फरवरी माह में इसी विश्वविद्यालय के प्रांगण में 9 देशों के 600 विद्यार्थी युवा महोत्सव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

इस मौके पर उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा, संयोजक प्रोफेसर मंजुला चैधरी, कुलसचिव डा. नीता खन्ना, प्रोफेसर पवन शर्मा, पूर्व कुलपति डॉ. एमएल रंगा, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, पूर्व विधायक देवेन्द्र शर्मा, सहित विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी व विद्यार्थी मौजूद थे।

 

 

कैप्शन-  हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सत्यदेव नारायण आर्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के 32वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री, गोल्ड मैडल व प्रशंसा पत्र प्रदान करते हुए।

 

कैप्शन 2-  हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सत्यदेव नारायण आर्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के 32वें दीक्षांत समारोह में दीक्षांत भाषण देते हुए।

कैप्शन 3-  हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सत्यदेव नारायण आर्य कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के 32वें दीक्षांत समारोह में दीप प्रज्जवलित करते हुए।