हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने श्री गुरू रविदास को एक महान संत, दार्शनिक और समाज सुधारक बताते हुए कहा कि श्री गुरू रविदास पूरे संसार में समभाव चाहते थे-19.02.19

February 28, 2019

चण्डीगढ़ 19, फरवरी- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने श्री गुरू रविदास को एक महान संत, दार्शनिक और समाज सुधारक बताते हुए कहा कि श्री गुरू रविदास पूरे संसार में समभाव चाहते थे। श्री गुरू रविदास जी ने अपनी वाणी में कहा है किः 

‘‘ ऐसा चाहू राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। 

छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न‘‘। 

 

उन्होने कहा कि श्री गुरू रविदास जी किसी एक जाति या सम्प्रदाय के गुरू नही थे बल्कि वे पूरी मानव जाति के पथ-प्रदर्शक थे। श्री गुरू रविदास जी का चिंतन भी किसी एक जाति तक सीमित नही था। आज रविदास जी अपने चिंतन-दर्शन और शिक्षाओं के कारण पूरे विश्व में प्रचारित है। 

श्री आर्य ने कहा कि श्री गुरू रविदास जी की शिक्षाएं वर्तमान में भी प्रासंगिक है। उनकी शिक्षाओं को हम सब ने अपने जीवन में उतार कर समभाव की और आगे बढ़ना होगा तभी देश को भेदभाव से छुटकारा मिलेगा और देश तरक्की करेगा।

उन्होने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर ने अपने जीवन में श्री गुरू रविदास जी के कर्म के संदेश को जीवन में उतारा था और गरीब वर्ग के लोगों के लिए संघर्ष किया था, जिसकी वजह से समाज में एकता और समभाव का संदेश फैला। 

श्री आर्य ने श्री गुरू रविदास जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों को गुरू रविदास जयंती की बधाई दी। गौरतलब है कि आगामी 24 फरवरी को बिहार के गया में श्री सत्यदेव नारायण आर्य का    श्री गुरू रविदास विकास समिति द्वारा गुरू रविदास जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नागरिक अभिनन्दन किया जाएगा।