भारत एक युवा देश है और युवाओं की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व शोध-अनुसंधान आवश्यक है-राज्यपाल 19.07.19

July 22, 2019

चण्डीगढ़, 19 जुलाईः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि भारत एक युवा देश है और युवाओं की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व शोध-अनुसंधान आवश्यक है। श्री आर्य शुक्रवार को हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय, महेन्द्रगढ़ में ‘‘उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए संसाधनों का बेहतर प्रयोग‘‘ नामक विषय पर आयोजित परिसम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 
उन्होनें कहा कि न केवल युवा पीढ़ी के लिए ही बल्कि राष्ट्र की समृद्धि व विकास के लिए भी इस दिशा में नीतिगत आधार पर आगे बढ़ने की जरूरत है। यही कारण है कि आज दुनिया भर की सरकारें उच्च शिक्षा नीतियों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। भारत पुरातन काल में विश्व गुरू के तौर पर पहचाना जाता था और काशी, तक्षशिला, नालंदा, प्रयाग, मिथिला आदि प्रमुख शिक्षा के केंद्र थे। यह वह दौर था जब विद्यार्थी को उसकी रूचि के अनुसार शिक्षा प्रदान की जाती थी लेकिन लॉर्ड मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा पद्धति ने इस पूरी तरह से बदलकर भारतीयों को महज एक क्लर्क बनाने पर ही ध्यान दिया। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए जाए। इन्ही बदलावों के माध्यम से हम फिर से विश्व गुरू के रूप में अपनी पहचान बना सकते हैं। इसके लिए सूचना तकनीक, ऑनलाइन सुविधाओं, कौशल विकास व अनुसंधान पर विशेष ध्यान देना होगा। 
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग के तहत विश्वविद्यालय में आयोजित इस एक दिवसीय परिसम्मेलन में शामिल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों को उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए।
 उन्होनें ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सीधा अर्थ है ऐसे मानव संसाधन तैयार करना, जो शिक्षा, व्यापार, उद्योग, सरकार, सेवा आदि क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने में कुशल हों। उच्च शिक्षण संस्थानों को इस दिशा में अपनी ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए। 
उन्होंने इस मौके पर संविधान निर्माण में बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की भूमिका का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय में प्रेरणा स्वरूप उनकी प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। उन्होंने अपने एैच्छिक कोष से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को 11 लाख रूपये का अनुदान प्रदान करने की भी घोषणा की। 
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा ने कहा कि आपसी सहयोग से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। अध्ययन व अध्यापन निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने महाराणा प्रताप व शहीद उधम सिंह का जिक्र करते हुए स्वर्णिम भारतीय इतिहास की ओर भी शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें उस इतिहास को याद करते हुए भारतीय ख्याति व गौरव को पुनःस्थापित करने के लिए मिलकर साझा प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। 
इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने की। इस मौके पर राज्यपाल के सचिव श्री विजय सिंह दहिया, चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह, चैधरी रणवीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.बी. सोलंकी, चैधरी देवी लाल विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. विजय कायत, महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्रेयांश द्विवेदी, एनआरसी के निदेशक डॉ. बी.एन. त्रिपाठी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के निदेशक, अधिष्ठाता व वरिष्ठ प्रशासक भी मौजूद रहे।  

कैप्शन 1ः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय, महेन्द्रगढ़ में ‘‘उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए संसाधनों का बेहतर प्रयोग‘‘ नामक विषय पर आयोजित परिसम्मेलन को संबोधित करते हुए।



कैप्शन 2- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य को हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय, महेन्द्रगढ़ में ‘‘उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए संसाधनों का बेहतर प्रयोग‘‘ नामक विषय पर आयोजित परिसम्मेलन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ शाॅल भेंट कर सम्मानित करते हुए।