हरियाणा सरकार ने सेना व अर्द्ध सैनिक बलों में कार्यरत सैनिको व पूर्व सैनिकों की भलाई के उद्देश्य से सैनिक व अर्द्ध सैनिक विभाग का गठन-05.10.2018

October 05, 2018

चण्डीगढ, 05 अक्तुबर  - हरियाणा सरकार ने सेना व अर्द्ध सैनिक बलों में कार्यरत सैनिको व पूर्व सैनिकों की भलाई के उद्देश्य से सैनिक व अर्द्ध सैनिक विभाग का गठन किया है। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने पश्चिमी कमांड, चंडी मंदिर मुख्यालय के चीफ आॅफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी.एम. बाली से बातचीत में कही। आज राज्यपाल श्री आर्य से श्री बाली के साथ पश्चिमी कमांड के सिविल मिलिट्री अफेयर्स (नागरीक एवं सेना मामलों) के निदेशक कर्नल जसदीप सिन्धु भी थे। 

श्री आर्य ने कहा कि सिविलियन और सेना में बेहतर सहयोग के कारण ही आम लोगो का सेना के प्रति विश्वास और प्रगाढ़ होता है और प्रत्येक देशवासी स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है। देश और प्रदेश में सेना के अधिकारियों और आम नागरिकों के बेहतर समन्वय से देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा मजबूत होती है और राष्ट्र सामरिक दृष्टि से देश सुरक्षित रहता है। राज्य सरकार के नवगठित विभाग द्वारा डेढ़ दर्जन से भी अधिक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश सरकार ने युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों व अर्द्ध सैनिकों की अनुग्रह राशि 20 लाख से बढाकर 50 लाख रूपये की गई है। इसी प्रकार से ब्लास्ट आदि की घटनाओं के दौरान शहीद होने पर अनुग्रह राशि 2 लाख से बढाकर 50 लाख कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह एक ऐतिहासिक निर्णय है।

उन्होने कहा कि रक्षा मंत्रालय द्वारा गाईड लाईन को अपनाते हुए सैनिक एवं अर्द्ध सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियों की सेवानिवृति की आयु सीमा को बढाकर 58 से 60 साल किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा शहीद सैनिको के आश्रितो को अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्रदान की जा रही है। इसके साथ-साथ राष्ट्र मिलिट्री देहरादून में पढ़नें वाले छात्रांे को दी जाने वाली राशि को डेढ़ गुणा बढाया गया है। सेना में कमीशन पाने वाले हरियाणा के अधिकारियों को     1 लाख रूपये तक की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। उन्होने कहा कि भारत के प्रथम स्वत़त्रता संग्राम 1857 के शहीदों के सम्मान में राष्ट्रीय-राजमार्ग नम्बर 1, अम्बाला छावनी में 22 ऐकड़ के क्षेत्र में शहीद समारक स्थापित किया जा रहा है जिससे सैनिकों और पूर्व सैनिकों का सम्मान बढेगा। 

राज्यपाल श्री आर्य से मुलाकात मंे पश्चिमी कमांड चंडी मंदिर मुख्यालय के चीफ आॅफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी.एम. बाली ने बताया कि सैनिकों के कल्याण से सम्बन्धित सुविधाएं प्रदान करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। सैनिकों के लिए शुरू की गई राज्य सरकार की योजनाओं से सैनिक एवं उनके परिवारो का मनोबल बढा है। उन्होने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बेहतर वेतन के साथ जिला कल्याण अधिकारियों को नियुक्त करने जा रही है। इससे सैनिकों व पूर्व सैनिको की समस्याओं का समाधान होगा । अच्छे वेतन में बढोतरी करने से अनुभवी अधिकारी विभाग में अंाएगे। उन्होने बताया कि पश्चिमी कमांड के अन्र्तगत लगभग आधा दर्जन राज्यों का क्षेत्र आता है जिनमें पंजाब, हरियाणा, उतराखंड, हिमाचल प्रदेश और आधा क्षेत्र जम्मु -कश्मीर का आता है। इन राज्यों में जहां कही भी प्रशासन को सेना की जरूरत महसूस होती है भारतीय सेना तुरन्त कार्रवाई के लिए तत्पर रहती है।

पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज श्री जयराम विद्यापीठ संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी भी राज्यपाल श्री आर्य से मिले और उन्होने संस्थाओं के द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी दी और उन्होने बताया कि श्री जयराम विद्यापीठ की संस्थाएं शिक्षा कें क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र मंे भी कार्य करती है। विद्यापीठ संस्थाएं देश के विभिन्न स्थानों पर जहां शिक्षण संस्थान चला रही है वहीं गरीब परिवार की लडकियों की शादी करवाने व स्वत़ंत्रता सेनानी परिवारों को भी आर्थिक सहायता जुटा रही हैं। राज्यपाल श्री आर्य ने संस्था द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने पर शुभ कामनाएं दी।

 

कैप्शन- पश्चिमी कमांड, चंडी मंदिर मुख्यालय के चीफ आॅफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी.एम. बाली, राज्यपाल श्री आर्य से मुलाकात करते हुए।