हरियाणा के राज्यपाल ने दिग्गजों को मानव रचना उत्कृष्टता पुरस्कार-2018 से सम्मानित किया-14.04.2018

April 16, 2018

फरीदाबाद, 14 अप्रैल 2018: मानव रचना शैक्षणिक संस्थान में मानव रचना उत्कृष्टा पुरस्कार का आयोजन किया गया। इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले दिग्गजों को सम्मानित किया। मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के संस्थापक डॉ. ओपी भल्ला की श्रेष्ठ विरासत को आगे बढ़ाने के लिए यह अवॉर्ड्स आयोजित किए गए। उन्होंने हमेशा से गुणवत्ता शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम किया।

MREA 2018 के इस खास मौके पर माननीय राज्यपाल ने आठ दिग्गजों को मानव रचना उत्कृष्टता अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। इस दौरान संस्थान की संरक्षिता सत्या भल्ला, अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला, उपाध्यक्ष डॉ. अमित भल्ला, एमआरईआई के वीपी डॉ. संजय श्रीवास्तव, एमआरआईआईआरएस के वीसी डॉ. एनसी वाधवा, पद्मश्री डॉ. प्रीतम सिंह समेत कई वरिष्ठ लोग मौजूद रहे।

अपने स्वागत भाषण में  डॉ संजय श्रीवास्तव ने मानवीय संवेदनाओं के प्रतीक परम आदरणीय प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी जी और बाकी सभी अतिथिगणों का मानव रचना उत्कृष्टता सम्मान समारोह 2018 में शामिल होने के लिए धन्यवाद किया।

इस मौके पर अलग-अलग जगहों में बेहतरीन कार्य करने वाले आठ लोगों को सम्मानित किया गया जिनमें निम्नलिखित लोग शामिल थे

- खेल: माननीय कप्तान मेजर विजय कुमार शर्मा

- यूथ आइकन: श्री पुनीत डालमिया, एमडी, डालमिया भारत सीमेंट

- मानव पूंजी: श्री राजीव दुबे, राष्ट्रपति-एचआर, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा

- कॉर्पोरेट और उद्योग पुरस्कार: श्री मुकेश कुमार सुराना, सीएमडी, एचपीसीएल

- ग्लोबल थॉट लीडर अवार्ड: डॉ. स्टीवन वेस्ट, अध्यक्ष, सीईओ और वीसी, यूडब्ल्यूई, ब्रिस्टल

- परिवर्तन आचार्य: श्री युद्धवीर सिंह मलिक (आईएएस), सचिव, एमओआरटी

- राष्ट्र निर्माण: ऊर्जा इन्फ्राटेक के अध्यक्ष श्री राम विनय शाही

- जीवनकाल उपलब्धि: योजना आयोग, भारत के पूर्व सदस्य श्री अरुण मायरा

अपने संबोधन में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि उन्होंने पिछले साल भी मानव रचना उत्कृष्टना सम्मान से पाँच लोगों को सम्मानित किया था, इस बार उन्होंने आठ लोगों को सम्मानित किया है, उन्होंने उम्मीद जताई की अगले साल भी वही इन अवॉर्ड्स में हिस्सा लेंगे। उनका मानना है कि अगर कोई भी व्यक्ति तीन बार एक काम कर लेता है तो वह उसमें सफल हो जाता है। उन्होंने कहा कि हर किसी की जिंदगी में इन चार शब्दों आस्था, आत्मयता, आध्यात्मिकता, आत्म संयम की बहुत महत्वता है।इस खास मौके पर मानव रचना की संरक्षिका सत्या भल्ला ने कहा कि, 1997 में फाउंडर विजनरी डॉ. ओपी भल्ला ने एक पौधा लगाया था, जो कि आज एक विशाल वृक्ष बन गया है। उम्मीद करते हैं कि इसी तरह मानव रचना शैक्षणिक संस्थान का नाम और आगे बढ़ता रहेगा।युद्धवीर सिंह मलिक की जगह हूडा के पूर्व एडमिनिस्ट्रेटर सुरजीत सिंह, राजीव दूबे के जगह महिंद्रा एंड महिंद्रा के वीपी कॉर्पोरेट, ए विश्वनाथन और मुकेश कुमार सुराना की जगह संदीप रॉय ने सम्मान हासिल किया।

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