एम.वी.एन. विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह -07.02.2018

February 09, 2018

पलवल, 07 फरवरी। देश का भविष्य स्कूल, कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी देश के सर्वागिंण विकास में अहम भूमिका तय करते हैं। यह विचार बुधवार को महामहिम राज्यपाल,हरियाणा प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने एम.वी.एन. विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मेघावी छात्रों को उपाधि प्रदान करते हुए व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व उच्च शिक्षा ही वह साधन है जिसके द्वारा देश व दुनिया की अद्यतन अपेक्षाओं और आकाक्षांओं की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है और विविध प्रकार की उच्च शिक्षाओं द्वारा ही अज्ञानरूपी अंधकार को प्रकाशित कर आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है।

महामहिम राज्यपाल ने कहा कि इस क्षेत्र में एमवीएन विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण व सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। शिक्षा से स्वस्थ एवं परिपूर्ण राज्य एवं राष्ट्र का विकास होता है। समाज के साथ एकात्म होने के लिए शिक्षा ही सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। शिक्षा व्यक्ति एवं समाज में संवेदनशीलता उत्पन्न करती है।

उन्होंने कहा कि 21वीं शताब्दी में भारत देश शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करते हुए पुन: विश्वगुरू बनने की राह पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 819 विश्वविद्यालय है जिसमें कि हरियाणा प्रदेश में 48 विश्वविद्यालय हैं। हरियाणा प्रदेश के सोनीपत जिला में फूड टेक्रॉलॉजी विश्वविद्यालय एक ऐसा विश्वविद्यालय है जो विश्व में अपनी तरह का विश्वविद्यालय है। इसी तरह जिला पलवल में विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय देश में प्रथम कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। जिससे निकट भविष्य में हरियाणा राज्य भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रोल मॉडल बनेगा।

महामहिम राज्यपाल ने कहा कि हर व्यक्ति को देश के प्रति समर्पित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा तब तक अधूरी है जब तक व्यक्ति में नैतिकता व समाज के प्रति संवेदनशिलता उत्पन्न नही होगी। शिक्षा से मनुष्य का सर्वागिंण विकास होता है।

इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल जी द्वारा 02 रिसर्च स्कॉलरों, सुश्री आशु को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की उपाधि प्रबंधन एवं श्री अंकित वर्मा को कम्प्यूटर साइंस में प्रदान की गयी। इसके अलावा अन्य 443 मेधावी छात्रों को अभियांत्रिकी, प्रबंधन, विधि, विज्ञान, वाणिज्य, कम्प्यूटर अनुप्रयोग आदि संकायों की उपाधि प्रदान की गयी। दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 03 छात्रों (मनीषा-एम.कॉम, घनश्याम -बी.टेक, श्यामसुन्दर-डिप्लोमा) को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री वरूण शर्मा, अध्यक्ष तथा एमवीएन संस्था की प्रबन्ध निदेशक श्रीमती कान्ता शर्मा ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों के भविष्य में सफल होने के लिए शुभकामनाएँ दी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्रीमती सन्तोष शर्मा एवं कुलपति डा0 जे.वी. देसाई को आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए एमवीएन संस्था की तरफ से संपूर्ण सहयोग दिया जायेगा।

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 जे.वी. देसाई ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि एमवीएन विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2012 में हरियाणा राज्य निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 के तहत जिला पलवल में हुई थी। विश्वविद्यालय की शुरूआत पांच संकायों अभियांत्रिक, प्रबंधन, वाणिज्य, विज्ञान संकाय, कम्प्यूटर एवं सूचना विज्ञान संकाय के डिप्लोमा, स्नातक, परास्नातक, अनुसंधान आदि के पाठ्यक्रमों से हुई। वर्ष 2015-16 में विधि एवं संकाय की स्थापना की गई। वर्ष 2017.-18 में सम्बद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय की स्थापना की गई। आगामी सत्रों में आयुर्वेदिक विज्ञान, शिक्षा, वास्तुकला, कृषि विज्ञान एवं पराचिकित्सकीय आदि संकायों की स्थापना प्रस्तावित है।