धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन से बच्चों में नैतिकता की भावना जागृत होती है- राज्यपाल 31.12.18

January 01, 2019

चण्डीगढ़ 31, दिसंबर-  धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन से बच्चों में नैतिकता की भावना जागृत होती है, जिससे बच्चों का सर्वागीण विकास होता है। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने आज हरियणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री कर्णदेव कम्बोज के साथ आए आर्य समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करते हुए कही। श्री कम्बोज ने गुलदस्ता भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही ‘‘सत्यार्थ-प्रकाश‘‘ की प्रति भी भेंट की जो आर्य समाज का आधार ग्रंथ है।

श्री आर्य ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती जी द्वारा लिखित  ‘‘सत्यार्थ-प्रकाश‘‘ में सभी धर्मों का उल्लेख है और तर्क-वितर्क के  साथ-साथ उपाय भी हंै। इसी प्रकार से स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने ‘‘सत्यार्थ-प्रकाश‘‘ में चारों वेदों का वर्णन किया है। ऐसी पुस्तकों का अध्ययन करने से बच्चों में शुरू से ही संस्कार उत्पन्न होते है। जिससे वें पुस्तकों में दिए उपदेशों को आत्मसात करते है। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा के विकास में भी ‘‘सत्यार्थ-प्रकाश‘‘ का महत्वपूर्ण योगदान है, क्योंिक स्वामी दयानंद जी ने ‘‘सत्यार्थ-प्रकाश‘‘ को हिन्दी भाषा में लिखा था, जिसका देश के ज्यादातर हिन्दी भाषी लोग लाभ उठा रहें है।

उन्होने मंधार गांव से श्री कर्ण देव कम्बोज के साथ आए आर्य समाज के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से समाज के बारे में खुल कर बातचीत की। इसी प्रतिनिधिमंडल में आए मंत्री श्री कम्बोज के चार वर्षीय पौत्र ने गायत्री मंत्र का जाप भी सुनाया, जिससे राज्यपाल    श्री आर्य खुश होकर बच्चे को आशीर्वाद दिया।

मंत्री श्री कर्णदेव कम्बोज ने विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों पर भी चर्चा की और बताया कि हरियाणा के महिलाओं व बच्चो में खून की कमी को दूर करने के लिए दो जिलोें में पाॅयलट प्रोजैक्ट के रूप में फोर्टिफाइड-फ्लोर स्कीम शुरू की जा रही है। यह योजना पहले नारायणगढ़ और बराड़ा खण्डों में शुरू की गई थी। जिसके सार्थक परिणाम सामने आए है इसी को मद्देनजर रखते हुए पाॅयलट प्रोजैक्ट के रूप में दो जिलों अम्बाला और करनाल का चयन किया गया है। इन दोनो जिलों में आगामी फरवरी माह को यह योजना शुरू की दी जाएगी। उन्होने बताया कि यह फोर्टिफाइड-फ्लोर आट्टा, बी.पी.एल, ए.ए.वाई और ओ.पी.एच परिवारों को वितरित किया जाएगा। इस आट्टे में विटामिन बी-12, फोलिक एसिड और आयरन जैसे पोष्टिक तत्व मिलाए जाते है, जिसके उपयोग करने से महिलाओं और बच्चों में किसी भी प्रकार से खुन की कमी नही रहेगी। यह योजना देश में सबसे पहले हरियाणा में शुरू की जा रही है। उन्होने बताया कि नारायणगढ़ और बराड़ा खण्डों में 2017 से शुरू की गई थी, इसकी सफलता के बाद सरकार द्वारा दो जिलों में और शुरू करने का निर्णय लिया गया।

श्री कम्बोज ने बताया कि प्रदेश को 2017 से कैरासिन मुक्त कर दिया गया है। सरकार की इस योजना की पूरे देश में चर्चा है यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वयं अपने संबोधन में कई बार चर्चा करके सरकार को शाबाशी से चुके है। इसके साथ-साथ राज्य में 2016 से शुरू की गई उज्जवला योजना के तहत भी 6,73,000 हजार से भी अधिक कनैक्शन गरीब परिवारों की महिलाओ को दिए जा चूके है। उन्होने बताया कि सर्वाजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने में ई.पी.डी.एस पोर्टल की भी शुरूआत की पी.ओ.एस के द्वारा उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।

 

कैप्शन1ः- हरियणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री कर्णदेव कम्बोज आर्य प्रतिनिधिमंडल के साथ हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात करते हुए।

कैप्शन2ः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य को चार वर्षीय बच्चा गायत्री मंत्र सुनाते हुए।