भारतरत्न बाबा साहेब डा0 भीम राव अम्बेडकर ने भारत का संविधान तैयार कर देश को एकसूत्र में पिरोने का काम किया- राज्यपाल 26.11.2018

November 26, 2018

चंडीगढ, 26 नंवबर2018:- भारतरत्न बाबा साहेब डा0 भीम राव अम्बेडकर ने भारत का संविधान तैयार कर देश को एकसूत्र में पिरोने का काम किया। देश के संविधान की बदौलत ही मजबूत लोकतंत्र और अखण्ड़ भारत का निर्माण हुआ। 

यह विचार हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति    श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने आज संविधान दिवस के अवसर पर हरियाणा राजभवन मंे ‘‘संविधान एंव राष्ट्र निर्माता बाबा साहेब डा0 भीम राव अम्बेडकर पुनर्लाेकन‘‘ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए व्यक्त किए। इससे पूर्व उन्होने डा0 भीम राव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। यह संगोष्ठी यु.जी.सी. द्वारा प्रायोजित चै0 देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा द्वारा आयोजित की गई। संगोष्ठी में एक दर्जन से भी अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों व विधि विभाग के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। 

श्री आर्य ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश जब विभिन्न संस्कृतियों, जातियों, धर्मों, पंथों, और सम्प्रदायों में बटा हुआ था, ऐसे में सभी के लिए समान कानून और संविधान देना एक बडी चुनौती थी, लेकिन भारतरत्न एवं महान समाज सुधारक बाबा साहेब ने अथक मेहनत कर एक समतामूलक संविधान की रचना की और देश को एकसूत्र मंे पिरोया। उन्होने जाति के आधार पर देश को नही बटने दिया। तत्कालीन नेताओं द्वारा सुझाए गए विचारों को उन्होने माना। उन्होने देश में वैमनस्यता की भावना को खत्म कर एक नए समाज की संरचना की आज उसी विचारधारा को अपनाकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की मजबूती के लिए सबका साथ-सबका विकास का नारा दिया है। उन्होने कहा कि भारत का संविधान दुनिया में समाज सुधार का सबसे बड़ा ग्रंथ है। 

राज्यपाल ने कहा कि बाबा साहेब डा0 भीम राव अम्बेडकर सच्चे राष्ट्रवादी थे। उन्होने इस विचारधारा से ही संविधान में सभी धर्म, सम्प्रदायों, वर्गांे के हितों को ध्यान में रखा और संविधान की रचना की। उन्होने कहा कि शुरू में संविधान में कुल 386 धाराओं का प्रावधान था बाद में इनकी संख्या बढ़कर 395 और आठ अनुसूचियां हुई। 

उन्होने भारतीय संविधान को विश्व का श्रेष्ठ संविधान बताते हुए कहा कि संविधान न केवल कानून की किताब है, बल्कि यह मनुष्य को एक आदर्श जीवन जीने की सीख देता है। डा0 बी.आर. अम्बेडकर के जीवन में गीता का प्रभाव था। उनका मानना है कि कर्मों और संघर्ष के बलबूते पर व्यक्ति असंभव को संभव बना सकता है। उन्होने समाज को तीन सूत्र दिए शिक्षित बनो और संघर्ष करो और संगठित रहो। उन्होने आहवान किया कि हम सभी इन तीन सूत्रों को जीवन में ग्रहण करें। निश्चित रूप से व्यक्ति के साथ-साथ राष्ट्र का भी विकास होगा। उन्होने कहा कि आज का यह दिन देशवासियों के लिए मनन का दिन है कि हम सब देश के लोकतंत्र की मजबुती के लिए काम करें जिससे संविधान निर्माता डा0 बी.आर. अम्बेडकर का सपना साकार होगा। 

श्री आर्य ने कहा कि वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डा0 अम्बेडकर की समतामूलक समाज की सोच को आगे बढाकर गरीबों को उनके अधिकार देने का काम किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश निरन्तर आगे बढ़ रहा है और वर्तमान दौर में गरीब-अमीर की खाई को पाटा गया है। 

संगोष्ठी में अपना प्रेजिडेंसियल सम्बोधन देते हुए चै0 देवी लाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 विजय कुमार कायत ने बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर को श्रद्धाजंली भी दी। उन्होने कहा कि आजादी के बाद सामाजिक चेतना की क्रान्ति लाने में बाबा साहेब का अहम योगदान है। उन्होने संविधान के गठन के समय मौजूद परिस्थियों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होने यह भी कहा कि काॅलंबिया में डा0 भीम राव अम्बेडकर को ‘‘सिंबल आॅफ नाॅलेज‘‘ का खिताब दिया था। जिससे देश का नाम रोशन हुआ।

भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां की कुलपति प्रो0 सुषमा यादव ने कहा कि संविधान दिवस  विजडम, हार्ड वर्क व नाॅलेज के लिए भी जाना जाता है। उन्होने डा0 अम्बेडकर को सैल्यूट करते हुए कहा कि संविधान दिवस के अवसर पर चै0 देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा  द्वारा सेमिनार आयोजित करवाए जाने से विद्यार्थियों को बाबा साहेब के जीवन से रूबरू होने का अवसर मिला है। 

उन्होने कहा कि बाबा साहेब द्वारा रचित संविधान कठोर होते हुए भी लचीला है। उन्होने युवाओं से सशक्त भारत के निर्माण में अहम भागीदारी करने का आहवान किया। इस अवसर पर दर्जनभर विश्वविद्यालयों के कुलपति व कुलसचिव उपस्थित थे। 

 

कैप्शन-1- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य संविधान दिवस पर राजभवन में आयोजित संगोष्ठी का दीप प्रज्जवलन कर शुभारम्भ करते हुए।

कैप्शन-2- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य संविधान दिवस पर राजभवन में आयोजित संगोष्ठी में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डा0 भीम राव अम्बेडकर जी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि देते हुए।

कैप्शन-3- संविधान दिवस पर हरियाणा राजभवन में आयोजित संगोष्ठी में चैधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा के कुलपति प्रो0 विजय कायत, हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य को समृति चिन्ह भेंट करते हुए।