भारत में कुशल मानव शक्ति  बढ़ाने की जरूरत- प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी 28.07.2017

July 30, 2018

हरियाणा के राज्यपाल ने गुरुग्राम के सेक्टर 77 में किया भगवान शिव की मूर्ति का अनावरण तथा इंद्रप्रस्थ ग्रुप एवं जेट सर्व एविएशन के 6 संस्थानों में नए बैचों का शुभारंभ

 

गुरुग्राम, 28 जुलाई- हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने आज कहा कि भारत को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए हमें देश में कुशल मानव शक्ति की दर को 90 प्रतिशत तक ले कर जाना है तभी भारत आर्थिक शक्ति बन पाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सब तरह का ज्ञान, कौशल प्रशिक्षण तथा शिक्षा दी जा रही है।

राज्यपाल आज गुरुग्राम के सेक्टर 77 में इंद्रप्रस्थ ग्रुप तथा जेट सर्व एविएशन के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने सर्वप्रथम इंद्रप्रस्थ ग्रुप के परिसर में स्थापित की गई भगवान शिव की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद उन्होंने इस परिसर में चलाए जा रहे 6 विभिन्न प्रकार के संस्थानों में नए बैच का शुभारंभ भी किया। इन संस्थानों में एयरोस्पेस और एयरोनॉटिक्स से संबंधित कोर्स करवाए जा रहे हैं।

अपने संबोधन में राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत कौशल के क्षेत्र में पिछड़ रहा है । हम कौशल विकास में जर्मनी, जापान, चीन जैसे देशों से पिछड़ रहे हैं । उन्होंने कहा कि भारत में केवल 12 प्रतिशत आबादी ही स्किल्ड अर्थात कुशल मानव शक्ति की श्रेणी में आती है। इसको हमें 90 प्रतिशत  तक ले कर जाना है, तभी भारत विश्व में आर्थिक शक्ति बन पाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष तथा कौशल विकास मंत्रालय खोले। उसी के अंतर्गत देश में बहुत से स्थानों पर प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र स्थापित किए गए। उन्होंने बताया कि हरियाणा में भी हरियाणा कौशल विकास मिशन की स्थापना की गई जिसके माध्यम से हर वर्ष एक लाख 15 हजार व्यक्तियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा एक ऐसा राज्य है, जहां पर सब तरह का ज्ञान, कौशल प्रशिक्षण और शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कौशल विकास के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है और इसी प्रकार संस्कृत तथा हॉर्टिकल्चर अर्थात बागवानी के लिए अलग से विश्वविद्यालय बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हयूमैनिटिज़, तकनीकी शिक्षा तथा विज्ञान की शिक्षा की भी व्यवस्था है। इस प्रकार, प्रदेश में कुल 50 विश्वविद्यालय हैं।

राज्यपाल ने कहा कि जेट सर्व एविएशन ने एयरोस्पेस के क्षेत्र में नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने हाल ही में हुए एक सर्वे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सर्वे में पूरे विश्व में भारत छठे स्थान पर है और यह भी आंका गया है कि सन 2032 तक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे स्थान पर होगा। 

राज्यपाल ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए पांच 'एस' आवश्यक है। इनमें स्किल अर्थात कोई भी व्यक्ति अनुपयोगी नहीं है और वह अपनी योग्यता के अनुसार देश के नव निर्माण में अपना योगदान दें। इसी प्रकार, सिंसियर अर्थात हर व्यक्ति सफलता के लिए गंभीरता से प्रयास करें तथा सीरियसनेस अर्थात हर व्यक्ति गंभीरता से कोशिश करें। उन्होंने कहा कि व्यक्ति में सामाजिकता होनी चाहिए तथा कोई भी व्यक्ति एकांकी ना रहे। इन 4 'एस' से प्रारंभ होने वाले गुणों के साथ पांचवा गुण स्पिरिट्यूएलिटी अर्थात आध्यात्मिकता का होना जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि हमें ऐसे समाज के घटक और नागरिक चाहिए जिनमें ये सभी गुण विद्यमान हो। साथ ही उन्होंने कहा कि वे  वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के भी राज्यपाल का कार्यभार संभाल रहे। प्रोफेसर कप्तान सिंह प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने आशा जताई कि जेट एविएशन तथा इंद्रप्रस्थ ग्रुप के संस्थानों में युवाओं को ऐसा प्रशिक्षण दिया जाएगा जो देश को 21वीं सदी में आगे ले जाने में सहायक होगा।

इससे पहले इंद्रप्रस्थ ग्रुप तथा जेट एविएशन  के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एसआर ओला ने राज्यपाल तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया और 10 अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी माता की याद में रतनी अवार्ड शुरू करने की घोषणा की। 

राज्यपाल जब भगवान शिव की प्रतिमा का अनावरण कर रहे थे तब जेट सर्व एविएशन के हेलीकॉप्टर के द्वारा महामहिम राज्यपाल तथा अन्य अतिथियों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम फूलों की पत्तियों की वर्षा की गई। 

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती आर वीमाला विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थी। इनके अलावा, उत्तराखंड के विधायक श्री सुरेंद्र, पुलिस आयुक्त के के राव, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, मानेसर के डीसीपी महेंद्र सेठी, सरपंच लखन सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।