अग्रवाल भवन के सभागार में करूणा चैरिटेबल सोसायटी द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह-04.02.2018

February 05, 2018

पंचकूला, 4 फरवरी- हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि अपने लिए तो हर कोई व्यक्ति जीता है लेकिन जो व्यक्ति दूसरों के लिए जीता है और अपना जीवन मानवता की सेवा में लगाता है, ऐसे व्यक्ति समाज में अपनी अलग से पहचान ही नहीं बनाते अपितु वे श्रेष्ठ एवं अच्छे व्यक्ति के नाम से भी जाने जाते है।

ये बात राज्यपाल ने सेक्टर-16 स्थित अग्रवाल भवन के सभागार में करूणा चैरिटेबल सोसायटी द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह में मुख्यातिथि के रूप में बोलते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि अपने लिए जानवर भी जीते है लेकिन जानवर और मनुष्य में यहीं अंतर है कि मनुष्य दूसरों के लिए अपने जीवन में परोपकार के कार्य करें। यहीं श्रेष्ठ व्यक्तियों के जीवन की वास्तविकता की सार्थकता को सिद्ध करता है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ व्यक्ति दूसरों के लिए अपने जीवन में जितने पैमाने की मात्रा में समाज सेवा के कार्य करता है, वह उतनी ही मात्रा में श्रेष्ठ एवं उत्तम व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हम जीवन में कितने ही उच्च पद पर पंहुच जाएं लेकिन वहां तक पंहुचाने में समाज की ही देन होती है क्योंकि यदि हम एक डाक्टर के पद पर कार्य कर रहे है और यदि समाज ही नहीं होगा तो डॉक्टर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। हम अपने जीने के लिए पैदा नहीं हुए अपितु दूसरों को जीने देने के लिए पैदा हुए है। इसलिए अपने जीवन में दूसरों की सहायता करना ही हमारा परम कत्र्तव्य होना चाहिए तभी हम समाज में अच्छे व्यक्ति के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आर्थिक रूप से संपन्न है और उनके पास सभी सुख सुविधाएं है, वे सब उन्हें समाज के बल से ही प्राप्त हुए है और वे जनता के कारण ही वहां तक पंहुचे है।

राज्यपाल ने करूणा चैरिटेबल सोसायटी की सराहना करते हुए कहा कि यह सोसायटी पंचकूला में अलग से अपनी पहचान बनाए हुए है क्योंकि इससे जुड़े सभी लोग गरीबों की मदद करने में सराहनीय कार्य कर रहे है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी यह सोसायटी इसी प्रकार समाज के गरीब तबके के लोगों की मदद करती रहे। उन्होंने कहा कि सोसायटी के प्रधान जेडी गुप्ता लोगों के बल से ही मुख्य सचिव के पद तक पंहुचे और रिटायरमैंट के बाद भी वे सोसायटी बनाकर मानवता की सेवा में जुटे हुए है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी  भी इसी के पक्षधर थे कि मानवता की सेवा मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ी सेवा है। स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि जिसके पास काफी धन एकत्रित है और वे दूसरे के लिए इसका कोई प्रयोग नहीं करते वे चोर है। उन्होंने करूणा चेरिटेबल सोसायटी को अपने कोष से पांच लाख रुपऐ की राशि देने की घोषणा की।

इस अवसर पर सोसायटी के प्रधान जेडी गुप्ता ने अपने स्वागतीय भाषण में बोलते हुए सोसायटी की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस सोसायटी की स्थापना 2006 में की गई थी। सोसायटी ऐसी विधवाओं को जो अति गरीब होती है, उनकी आर्थिक सहायता के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपऐ की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाती है और जब वह अपने पैरो पर खड़ी हो जाती है तब तक उन्हें यह मदद प्रदान की जाती है। अब तक सोसायटी की ओर से 200 महिलाओं को लाभांवित किया जा चुका है। इसी प्रकार सोसायटी द्वारा गरीब परिवारों के बच्चों को जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते है, उन्हें स्कोलरशिप प्रदान की जाती है। इस दिशा में अब तक 400 बच्चों को स्कोलरशिप उपलब्ध करवाई जा चुकी है। 

इससे पूर्व राज्यपाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके साथ साथ कार्यक्रम की शुरूआत राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-15 के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना द्वारा की गई। रेणु शर्मा एवं उनकी पार्टी द्वारा देशभक्ति एवं भजन प्रस्तुत किए गए।